JTET की परीक्षा तिथि जल्द स्पष्ट करे JAC: गजेंद्र नाथ चौहान
4.40 लाख अभ्यर्थियों को परीक्षा का इंतजार, लंबे समय से असमंजस की स्थिति, 2016 के बाद अब तक नहीं हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा, आधिकारिक कार्यक्रम जारी करने की मांग
Jharkhand
सरायकेला। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की परीक्षा तिथि को लेकर अभ्यर्थियों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। गुरुकुल के निदेशक गजेंद्र नाथ चौहान ने झारखंड अधिविद्य परिषद् (JAC) से JTET की परीक्षा तिथि सहित पूरी परीक्षा प्रक्रिया का आधिकारिक कार्यक्रम जल्द जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि करीब 4.40 लाख अभ्यर्थी परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं और तिथि स्पष्ट नहीं होने के कारण उनमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
चौहान ने कहा कि JAC की ओर से JTET के लिए जुलाई-अगस्त 2024 में आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन लंबे समय बाद भी परीक्षा की निश्चित तिथि सामने नहीं आने से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। अभ्यर्थी लगातार JAC की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
2016 के बाद परीक्षा का इंतजार
उन्होंने कहा कि झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का इंतजार काफी लंबा हो चुका है। पिछली JTET परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित हुई थी। इसके बाद नई परीक्षा के लिए वर्ष 2024 में आवेदन लिए गए। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परीक्षा कार्यक्रम स्पष्ट नहीं होने से अभ्यर्थियों में निराशा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
समय-प्रबंधन में आ रही परेशानी
गजेंद्र नाथ चौहान ने कहा कि परीक्षा की निश्चित तिथि नहीं होने से अभ्यर्थियों के लिए पढ़ाई की रणनीति और समय-प्रबंधन तय करना मुश्किल हो रहा है। JTET में कक्षा 1 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 के शिक्षक पात्रता से संबंधित पेपर शामिल हैं। ऐसे में अभ्यर्थी पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी कर रहे हैं और अब उन्हें परीक्षा की आधिकारिक तिथि का इंतजार है।
उन्होंने JAC से मांग की कि परीक्षा की अंतिम तिथि, विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम, एडमिट कार्ड जारी करने की तिथि, परीक्षा केंद्र और आवश्यक दिशा-निर्देश समय रहते जारी किए जाएं। साथ ही परीक्षा तिथि में किसी तरह का बदलाव होने पर अभ्यर्थियों को तत्काल आधिकारिक सूचना उपलब्ध कराई जाए।
चौहान ने कहा कि JTET हजारों युवाओं के शिक्षक बनने के अवसर से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा है। करीब 4.40 लाख अभ्यर्थियों के हित को देखते हुए परिषद को परीक्षा कार्यक्रम को लेकर स्थिति जल्द स्पष्ट करनी चाहिए। फिलहाल अभ्यर्थियों की निगाहें JAC की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
