कुचाई के ग्राम प्रधान चतुर्भुज सिंह मुंडा के दाह संस्कार में
पहुचे पूर्व मुख्यमंत्री, खूंटकटी अधिकारों, आदिवासी परंपराओं के संरक्षण में योगदान को किया याद, नम आंखों से दी अंतिम विदाई,
Kuchai
कुचाई प्रखंड अंतर्गत बारूहातु खूंटकटी मौजा के मानकी-मुंडा सह ग्राम प्रधान चतुर्भुज सिंह मुंडा के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। सोमवार तडके करीब चार बजे लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था। मंगलवार को बारूहातु में उनका अंतिम दाह संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। अंतिम दाह संस्कार में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उनकी पत्नी डाॅ मीरा मुंडा एवं जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा समेत बडी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने दिवंगत चतुर्भुज सिंह मुंडा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मौके पर श्री मुंडा ने कहा कि चतुर्भुज सिंह मुंडा का निधन समाज के लिए भारी और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना पूरा जीवन जनजातीय समाज की सेवा, सामाजिक एकजुटता, हक-अधिकारों की रक्षा तथा पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में लगाया। विशेष रूप से खूंटकटी अधिकारों और उससे जुडी परंपराओं के संरक्षण के लिए उनका समर्पण हमेशा याद किया जाएगा। अर्जुन मुंडा ने कहा कि चतुर्भुज सिंह मुंडा ने जिस मर्यादा और परंपरा के साथ समाज की सेवा की, वह आने वाली पीढियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि आज बारूहातु की धरती पर, जंगल-जंगल और नदी-प्रकृति की गोद में समाज का एक समर्पित व्यक्ति प्रकृति में विलीन हो रहा है। “हम प्राकृतिक के पुत्र हैं और अंततः प्रकृति में ही समा जाते हैं। यही हमारी पहचान है। हमें अपनी आदिवासी और आदि संस्कृति, परंपरा और जीवन पद्धति पर गर्व है।” चतुर्भुज सिंह मुंडा राजस्व ग्राम बारूहातु के ग्राम प्रधान के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसके अलावा वे बकाश्त मुंडारी खूंटकट्टी रक्षा एवं विकास समिति, 39 मौजा दलभंगा से लंबे समय से जुडे रहे और पूर्व में समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। सामाजिक एवं सामुदायिक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी। उनके निधन की सूचना के बाद से ही बडी संख्या में लोग शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उनके निधन से क्षेत्र ने एक जिम्मेदार ग्राम प्रधान, समाजसेवी और जनजातीय परंपराओं के सजग संरक्षक को खो दिया है। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, विजय महतो, उदय सिंहदेव, प्रदिप सिंहदेव समेत अन्य लोगों ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। सभी ने सिंग बोंगा से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
October 22, 2026 3: 11 pm
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