तिरुलडीह गोलीकांड के शहीदों को विभिन्न दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, 44 साल बाद भी शहीद परिवार को सम्मान और नौकरी नहीं मिलने का उठा मुद्दा
Ichagarh
झारखंड आंदोलन के इतिहास में दर्ज तिरुलडीह गोलीकांड के शहीद अजित महतो और धनंजय महतो के शहादत दिवस पर बुधवार को तिरुलडीह में श्रद्धांजलि का सैलाब उमड़ पड़ा। सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड स्थित तिरुलडीह शहीद चौक पर विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर भाजपा नेता हरेलाल महतो के नेतृत्व में विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। शहीद चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक सविता महतो, भाजपा नेता हरेलाल महतो, भाजपा नेत्री सारथी महतो, भाजपा नेता खगेन महतो, डॉ. भूषण मुर्मू, पप्पू वर्मा, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, आजसू नेता भोलानाथ महतो, जेएलकेएम केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो, तरुण महतो, भाजपा नेता विजय कुइरी, गोपेश महतो सहित कार्यकर्ताओं ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। नेताओं ने झारखंड आंदोलन में शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। शहादत दिवस पर भाजपा नेता हरेलाल महतो के नेतृत्व में निकली बाइक रैली आकर्षण का केंद्र रही। रैली चांडिल प्रखंड के कुरली से शुरू हुई। इसके बाद चौका मोड़, ईचागढ़ प्रखंड के चोगा और आदारडीह होते हुए रैली तिरुलडीह स्थित शहादत स्थल और शहीद चौक पहुंची। यहां शहीद अजित महतो और धनंजय महतो को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद रैली कुकड़ू प्रखंड मुख्यालय पहुंची और अंत में सिरुम शहीद चौक पर संपन्न हुई। रैली में शामिल कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर रुककर शहीदों को नमन करते रहे। इस दौरान ‘शहीद अजित-धनंजय महतो अमर रहें’, ‘झारखंड के तमाम शहीद अमर रहें’, ‘जय झारखंड’ और ‘जय भाजपा’ के नारे गूंजते रहे। रैली के माध्यम से शहीदों के बलिदान को याद करने के साथ उनके परिवार को न्याय और सम्मान देने का मुद्दा भी उठाया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता हरेलाल महतो ने शहीद परिवार की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहादत के 44 साल बाद भी परिवार को उचित सम्मान नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई बार शहीद परिवार को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक न नौकरी मिली और न ही परिवार को अपेक्षित सम्मान प्राप्त हुआ। हरेलाल महतो ने बताया कि उन्होंने अपने निजी खर्च से शहीद धनंजय महतो के परिवार के लिए पक्का मकान बनवाया है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवार की सहायता के लिए वह आगे भी हरसंभव प्रयास करते रहेंगे। तिरुलडीह गोलीकांड के शहीदों का शहादत दिवस एक बार फिर उनके बलिदान के साथ शहीद परिवार के सम्मान, सरकारी सहायता और रोजगार के वादों को पूरा करने की मांग को सामने ले आया। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस दिवस के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
