खरसावां के बाघरायडीह में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत
कथा आयोजन, श्रीमद्भागवत कथा का है बेहद खास महत्व, इसको
सुनने मात्र से होती है पुण्य फल की प्राप्ति- बसंत प्रधान,
kharsawan खरसावां के बाघरायडीह गांव के हरि मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति बाघरायडीह के द्वारा नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा आयोजित किया गया। कथावाचक बसंत प्रधान ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सभी वेदों का सार है। इसे सुनने से मनुष्य तृप्त होता है और जन्म जन्मांतर के पाप से मुक्त हो जाता है। साथ ही कथा सुनने या किसी भी शुभ काम को करवाने या करने के पीछे का उद्देश्य परम लक्ष्य की प्राप्ति ही होता है। श्रीमद्भागवत कथा का सनातन धर्म में खास महत्व है। शास्त्रों में बताया गया है कि पहली बार कथा श्रवण मात्र से ही राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और उनका अकाल मृत्यु से बचाव हुआ था। यही कारण है कि समय-समय पर भक्त श्रीमद भागवत कथा का आयोजन अपने घर, सार्वजनिक स्थलों आदि पर करवाते रहते हैं। उन्होने कहा कि कथा सुनने से मिलने वाले पुण्य, नियम और यदि कथा न सुन पाएं, तो किस प्रकार पुण्य फल की प्राप्ति हो सकती है, के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सभी वेदों का सार है। इसे सुनने से मनुष्य तृप्त होता है और जन्म जन्मांतर के पाप से मुक्त हो जाता है। साथ ही कथा सुनने या किसी भी शुभ काम को करवाने या करने के पीछे का उद्देश्य परम लक्ष्य की प्राप्ति ही होता है। वह कहते हैं कि कथा आयोजन स्थल में प्रवेश करने से पहले सांसारिक जीवन के दुख तकलीफों को भूलकर उस परम परमेश्वर ईश्वर का चिंतन मनन करना जरूरी है और घर से जिस उद्देश्य को लेकर कथा सुनने आते हैं, उसे पूरा जरूर करना चाहिए।
कलयुग में केवल प्रभु स्मरण से होता है उद्धार
कथावाचक बसंत प्रधान आगे कहते हैं कि ‘कलयुग केवक नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा’, इसका मतलब है कि कलयुग में केवल प्रभु का स्मरण ही भव से पार किए जाने का एकमात्र आधार है। यदि आपके पास एक स्थान पर बैठकर प्रभु का नाम लेने का समय नहीं है, तो आप चलते फिरते भी अपने मन मंदिर में परम परमेश्वर का स्मरण कर सकते हैं। ऐसा करने पर भी आपको भागवत कथा श्रवण का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दौरान मुख्य रूप सेपं रामानाथ होता, पं योगेश महापात्र, नागेश्वर प्रधान, राधावल्लभ प्रधान, दिनेश प्रधान, अजित प्रधान, हेमसागर प्रधान, गणेश प्रधान, सारंग प्रधान, अजित सरदार, सागर प्रधान, बैजनाथ प्रधान, पंचानन प्रधान, दुर्याेधन प्रधान, सीता प्रधान आदि उपस्थित थे।
October 22, 2026 9: 00 am
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