खरसावां में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी व्यवस्था
बेपटरी, बुकिंग के बाद भी घर तक नहीं पहुंच रहा सिलेंडर,
एजेंसी के चक्कर काट रहे उपभोक्ता, बढ़ी परेशानी,
पूछ रहे है आखिर कब सुधरेगी व्यवस्था?
Kharsawan
खरसावां क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर बुक कराने के बाद भी कई बार उन्हें घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचाया जाता। इसके बजाय एजेंसी अथवा निर्धारित वितरण स्थल से स्वयं सिलेंडर उठाने के लिए कहा जाता है। इससे उपभोक्ताओं को समय के साथ अतिरिक्त किराये और श्रम का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। ईरान-इजरायल युद्ध के बीच गैस की कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर चर्चाओं के बाद से स्थानीय स्तर पर भी एलपीजी की उपलब्धता और वितरण को लेकर उपभोक्ताओं में सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, स्थानीय उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायत होम डिलीवरी व्यवस्था के सुचारु रूप से नहीं चलने को लेकर है। उनका कहना है कि बुकिंग के समय घर तक सिलेंडर पहुंचाने की सुविधा का विकल्प उपलब्ध रहता है, लेकिन व्यवहार में कई उपभोक्ताओं को स्वयं एजेंसी या डिलीवरी वाहन तक पहुंचकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा परेशानी
खरसावां के ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या और गंभीर बताई जा रही है। कई गांव गैस वितरण केंद्र से काफी दूरी पर स्थित हैं। ऐसे में घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचने पर उपभोक्ताओं को वाहन की व्यवस्था कर सिलेंडर लाना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भारी सिलेंडर उठाकर लाना और भी मुश्किल हो जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमत के साथ डिलीवरी की जिम्मेदारी भी व्यवस्था का हिस्सा है। यदि उपभोक्ता को स्वयं एजेंसी तक जाकर सिलेंडर लाना पड़े तो उसे अतिरिक्त खर्च और परेशानी उठानी पड़ती है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग के बाद डिलीवरी की प्रतीक्षा करने के बजाय उन्हें एजेंसी से संपर्क कर सिलेंडर लेने के लिए कहा जाता है।
एजेंसी से लेकर आपूर्ति विभाग तक उठ रहे सवाल
खरसावां क्षेत्र में इंडिया गैस एजेंसी पद्मा भारतीय ग्रामीण वितरक कार्यालय खरसावां तथा सरायकेला की एचपी एजेंसी एसएम गैस एजेंसी समेत संबंधित वितरण केंद्रों के माध्यम से उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की जाती है। उपभोक्ताओं ने संबंधित गैस एजेंसियों से बुकिंग के बाद निर्धारित समय सीमा में सिलेंडर घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि किसी गांव या क्षेत्र में सड़क, दूरी अथवा डिलीवरी वाहन से संबंधित व्यावहारिक समस्या है तो एजेंसी को उसका स्थायी समाधान करना चाहिए। बार-बार उपभोक्ताओं को एजेंसी बुलाना समस्या का समाधान नहीं है।
‘बुकिंग के बाद घर तक सिलेंडर कब पहुंचेगा?’
स्थानीय उपभोक्ताओं का सीधा सवाल है कि जब गैस सिलेंडर की बुकिंग ऑनलाइन अथवा अन्य माध्यम से की जाती है और होम डिलीवरी की व्यवस्था निर्धारित है, तो फिर उन्हें एजेंसी का चक्कर क्यों लगाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग तथा संबंधित गैस कंपनी के अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि गैस जैसी आवश्यक घरेलू सेवा में अनियमितता से आम परिवार सीधे प्रभावित होते हैं। इसलिए खरसावां क्षेत्र में बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पूरी व्यवस्था की समीक्षा कर घर-घर नियमित और समयबद्ध सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था बहाल की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को यह भी स्पष्ट किया जाए कि होम डिलीवरी में देरी या बाधा का वास्तविक कारण क्या है और इसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
