खरसावां में धूमधाम से मनी ओत् गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती
तुर्तुंग प्रोजेक्ट के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लिया हिस्सा, जीवन और योगदान पर रखे विचार
kharsawan
आदिवासी भाषा-संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ओत् गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती शनिवार को खरसावां स्थित आदिवासी सांस्कृतिक कला केंद्र भवन में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में टाटा स्टील द्वारा संचालित तुर्तुंग प्रोजेक्ट के तहत अध्ययनरत सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयंती समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। विद्यार्थियों ने ओत् गुरु कोल लाको बोदरा के जीवन, उनके योगदान तथा आदिवासी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में उनकी भूमिका पर अपने विचार भी रखे।

वक्ताओं ने कहा कि ओत् गुरु कोल लाको बोदरा ने आदिवासी समाज की भाषा, शिक्षा और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी जयंती नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में तुर्तुंग प्रोजेक्ट के शिक्षक सिद्धेश्वर कुदादा, रघु हांसदा, चांदमनी बोदरा, रानी पाड़ेया, सूरजो माटी सोय और माझी हेम्ब्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में खरसावां प्रखंड प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, जोजोडीह पंचायत के मुखिया मंगल जामुदा, समाजसेवी महेश मिंज, मनोज कुमार सोय, तुराम बोयपाई, नागेन सोय, सुरज, सालेन, मनोज, लाल सिंह, रामलाल हेम्ब्रम सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
