जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत जिले के 20 पंचायतों में 23 मई को विशेष जागरूकता एवं लाभुक संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे…*
*शिविरों में स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज सत्यापन, पेंशन, राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास एवं अन्य विभागीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध रहेंगी…*
Seraikella
जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 अंतर्गत पीवीटीजी समुदायों के लिए विशेष जागरूकता एवं लाभुक संतृप्तिकरण अभियान के तहत दिनांक 23 मई 2026 को जिले के विभिन्न प्रखंडों की चिन्हित पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सरायकेला प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर एवं हुदू पंचायत, खरसावां प्रखंड अंतर्गत जोरडीहा एवं कृष्णापुर पंचायत, कुचाई प्रखंड अंतर्गत बारूहातु एवं रोलाहातु पंचायत, राजनगर प्रखंड अंतर्गत कुड़मा, डूमरडीहा एवं तुमूंग पंचायत, गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बांधडीह, नारायणपुर एवं टेंटोपोसी पंचायत, चांडिल प्रखंड अंतर्गत मातकमडीह एवं धुनाबुरु पंचायत, नीमडीह प्रखंड अंतर्गत बाड़ेदा पंचायत, ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत देवलटांड़ एवं नदीसाई पंचायत तथा कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत बेरासिरिसुम, लोटेमदा एवं ईचाडीह पंचायत में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज सत्यापन, पेंशन, राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही पात्र लाभुकों से योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे तथा चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया जाएगा।
शिविरों के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) के लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
संबंधित पदाधिकारियों को शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, अधिकाधिक पात्र लाभुकों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी पंचायत भवन में आयोजित शिविर में पहुंचकर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें।
ज्ञात हो कि जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 अंतर्गत यह विशेष अभियान दिनांक 18 मई से 25 मई 2026 तक जिले के चिन्हित जनजातीय क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है।
