खरसावां में प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा में घंटा बाजा
की धुन और पारंपरिक गोतिपुआ नृत्य का अद्वत दिखेगा संगम,
रथयात्रा व सांस्कृतिक कार्यक्रम में होगे 3.62 लाख खर्च,
Kharsawan
खरसावां में प्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा ओड़िशा के पुरी के तर्ज पर आगामी 16 जुलाई को निकाली जाएगी। जिसमें घंटा बाजा की धुन और पारंपरिक गोतिपुआ नृत्य का अद्वत संगम दिखेगा। जिसमें 3.62 लाख खर्च होगे। प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा का भव्य रूप देने के लिए सोमवार को पुनः सरकारी पूजा समिति की एक बैठक की गई। खरसावां मुख्यालय में अंचल अधिकारी कप्तान सिंकु की अध्यक्षता में सरकारी पूजा समिति की बैठक निर्णय लिया गया कि इस वर्ष खरसावां के सरकारी रथयात्रा पर 3.62 लाख रूपये खर्च होगे। प्रभु जगन्नाथ की सरकारी रथयात्रा को आकर्षण बनाने के लिए सास्कृतिक के आयोजन किया जायेगा। आगामी 16 जुलाई को प्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी। जबकि आगामी 24 जुलाई को श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा और बहुडा रथ यात्रा निकाली जाएगी। प्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा पर लिजु लाईट पर 95 हजार, सांस्कृतिक कार्यक्रम में 1ः20 लाख, मौसी बाडी पूजा-अर्चना पर 76 हजार तथा रथ मरम्मति पर 80 हजार रूपये खर्च होगे। रथ यात्रा पर कई कार्यक्रमों का आयोजन परंपरा के अनुरूप किया जाएगा। इसमें आगामी 15 जुलाई को नवयोवन दर्शन और 16 जुलाई को प्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा गुंडिचा मंदिर के लिए रथ यात्रा रवाना होगी और देर शाम प्रभु जगन्नाथ अपनी मौसी के घर पहुंचेंगे। वही 20 जुलाई को तारणी व्रत व हेरा पंचमी पर मां लक्ष्मी द्वारा रथ भगिनी का निवार्हन होगा। जबकि 24 जुलाई को श्री जगन्नाथ गुड़िचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर तक बाहुड़ा यात्रा निकलेगी। इसके अलावे हेरा पंचमी पर मां लक्ष्मी द्वारा रथ भगिनी, प्रभु जगन्नाथ के नवयौवन रूप दर्शन, छैरा पैरा परंपराओं का निवार्हन होगा। मौके पर श्री सिंकू ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की सभी परंपराओं और अनुष्ठानों की निवार्हन करने के लिए उत्सुक है। प्रसिद्ध रथ यात्रा सभी के सहयोग से शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जायेगी। उन्होने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में घंटा बाजा (कांस्य वाद्य यंत्रों की लयबद्ध थाप) और पारंपरिक गोतिपुआ नृत्य का अद्भुत संगम होता हे। यह मनमोहक नृत्य और संगीत, रथ यात्रा के दौरान देवताओं को उनके रथों तक ले जाने वाले जुलूस (पहंडी) से लेकर वापसी तक जारी रहता है, जो पूरी यात्रा में एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्साह भर देता है।
यह सांस्कृतिक कार्यक्रम होगे
प्रभु श्री जगन्नाथ की गुंडिचा रथ यात्रा पर आगामी 16 जुलाई-2026 को ओडिसा के हेरिटेज आर्ट एंड कल्चर सेटर चंद्रपुर के कलाकारो के द्वारा घंटा बाजा की धुन और अभिन्न सुदंर गोतीपुआ नृत्य परिषद रघुराजपुर के कलाकारों के द्वारा पारंपरिक गोतिपुआ नृत्य होगा। जबकि 17 जुलाई को मौसी बाडी (काली मंदिर प्रागंण) में ओ0एन0एस0 इवेंटस पुरी के कलाकारों के द्वारा भंजन संध्या कार्यक्रम, 19 जुलाई को नृत्य प्रतिभा प्रतिभा पांडा भुवनेश्वर के द्वारा ओडिसी नृत्य, 21 जुलाई को राॅयल म्यूजिक एकेडमी खुदा भुवनेश्वर के द्वारा भेजन संध्या तथा 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा पर श्रद्वा क्रिएटिव आर्टस कमर्दा बालेश्वर के द्वारा ओडिसी नृत्य एवं प्रधान इवेंट समागरा पुरी के कलाकारों के द्वारा साहिजात एवं घंटावाद्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होगे।
ये थै मौजूद
खरसावां प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, अंचल अधिकारी कप्तान सिंकु, मुखिया सुनिता तापे, नंदु कुमार पांडेय, राकेश दास, प्रभाकर मंडल, शम्भू मंडल, नयन नायक, सुशील सांरगी, गोवर्धन राउत आदि मौजूद थे।
September 6, 2026 5: 38 pm
Breaking
- 6 सितंबर को कुड़मि समाज ने मनाया काला दिवस, एसटी सूची में पुनः शामिल करने की उठी मांग, कुड़मि समाज के लिए 6 सितंबर एक गहरे दर्द और ऐतिहासिक अन्याय की स्मृति है-पंकज महतो
- खरसावां मे गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित विशेष समारोह का आयोजन, छऊ गुरुओं का सम्मान, गुरु ही कलाकार की प्रतिभा को देता है सही दिशा-सुखराम उरांव
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मना शिक्षक दिवस, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें सूचना देता है, शिक्षक हमें सोचना सिखाते हैं-अदिति कुमारी
- शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा खरसावां ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल,
- मनोहरपुर में 5 सितंबर को टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ,-सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी दिखाएंगे हरी झंडी
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में आरएचडब्ल्यूई के दस दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण अनुभव से उद्योग तक विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण,
- खरसावां पहुंची भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा, युवाओं को नौकरी उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, पैसे के बल पर नहीं-देवेंद्र महतो
- खरसावां-कुचाई में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आस्था व उल्लास के साथ मना, श्रद्वालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों की पूजा-अर्चना, सुख-शांति व समृद्वि की कामना
