खरसावां के सुदूरवर्ती क्षेत्र जोजोबाटा गांव पहुचे
विधायक, पेयजल संकट से अधिकारियों को कराया रू-ब-रू,
ग्रामीणों को नलकूप लगाने का दिलाया भरोसा,
kharsawan
खरसावां प्रखंड के सुदूरवर्ती सीमावर्ती क्षेत्र जोजोबाटा में वर्षों से बनी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में पहल शुरू हो गई है। खरसावां विधायक दशरथ गागराई अधिकारियों की टीम के साथ रिडींग पंचायत स्थित जोजोबाटा टोला पहुंचे और ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याओ से रू-ब-रू हुए। घने जंगलों और दो पहाड़ियों की तलहटी में बसे इस गांव तक पहुंचना आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है और ग्रामीण संकरी पगडंडियों के सहारे आवाजाही करते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां आज तक कोई भारी वाहन नहीं पहुंच सका, जिसके चलते गांव में अब तक एक भी चापाकल नहीं लगाया जा सका है। ग्रामीणों ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि गांव में सबसे बड़ी परेशानी पेयजल की है। लोगों को पीने के पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद श्री गागराई ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में अगले दो सप्ताह के भीतर गांव में चापाकल लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर जेसीबी मशीन से गांव तक जाने वाले रास्ते की लेवलिंग कराई जाएगी। रास्ता समतल होने के बाद बोरिंग मशीन गांव तक पहुंच सकेगी और चापाकल लगाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ें और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक बनें। विधायक ने कहा कि सरकार गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण
खरसावां विधायक दशरथ गागराई के साथ खरसावां प्रखंड बिकास पदाधिकारी प्रधान माझी, पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता ललित इंदवार, सहायक अभियंता मांगीलाल गिलुवा, जूनियर इंजीनियर प्रकाश रंजन गुप्ता और समन्वयक जियाउल हक मौजूद थे। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव में पानी की समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद अधिकारियों ने गांव में चापाकल लगाने के लिए संभावित स्थानों का सर्वे किया। अधिकारियों ने बताया कि यदि रास्ते की स्थिति अनुकूल रही तो अगले एक सप्ताह के भीतर ही गांव में चापाकल लगाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं बीडीओ प्रधान माझी ने कहा कि यदि ग्रामीण इच्छुक होंगे तो बरसात के बाद गांव में बिरसा सिंचाई कूप की भी स्वीकृति दी जाएगी, जिससे खेती और पानी दोनों की समस्या में राहत मिल सकेगी।
चुआं के पानी से बुझती है प्यास
खरसावां के रिडींग पंचायत के जोजोबाटा टोला में रहने वाले 16 परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव के लोग पहाड़ से निकलने वाली जलधारा के किनारे खोदे गए ‘चुआं’ के पानी पर निर्भर हैं। इसी पानी से लोग अपनी प्यास बुझाते हैं और घरेलू जरूरतें पूरी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के दिनों में किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन बरसात के समय स्थिति बेहद खराब हो जाती है। बारिश का पानी नाले में मिलकर गंदा हो जाता है और उसमें मिट्टी घुल जाने से वह पीने योग्य नहीं रह जाता. ऐसे हालात में ग्रामीणों को दो से तीन किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। पानी की समस्या के कारण महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दूषित पानी पीने से लोग बीमार भी पड़ जाते हैं।
विकास की राह देख रहा जोजोबाटा टोला
जोजोबाटा टोला आज भी सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। हालांकि विधायक और प्रशासन की पहल के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब गांव की तस्वीर बदल सकती है। यदि तय समय के भीतर चापाकल लग जाता है तो यह गांव के लिए बड़ी राहत साबित होगी। साथ ही सड़क की लेवलिंग और भविष्य में सिंचाई कूप की योजना से ग्रामीणों को लंबे समय तक फायदा मिलने की उम्मीद है।
स्टडी टूर से लौटते ही गांव पहुंचे विधायक
झारखंड विधानसभा की आवास समिति विधायक दशरथ गागराई के नेतृत्व में 15 दिनों के अध्ययन दौरे पर विभिन्न राज्यों में गई हुई थी। अध्ययन यात्रा से लौटने के बाद दूसरे ही दिन विधायक अधिकारियों को लेकर जोजोबाटा टोला पहुंच गए। ग्रामीणों ने विधायक के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने गांव पहुंचकर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझने का प्रयास किया है। इस दौरान गांव में सोयना सरदार, उपेंद्र सरदार, दनन सरदार, गोमिया मुंडा, लखन मुंडा, सविता सरदार, काटे सरदार, रावण सरदार, बासु सरदार, तोरबा सरदार और गौरी सरदार सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
