कुचाई-तमाड़ के घने जंगलों और ऊंची-नीची
पहाड़ियों से घिरे गुट्टी के विशेष ग्राम सभा में पहुचे विधायक,
सड़क व स्कूल भवन निर्माण के कई प्रस्ताव पारित,
Kuchai
कुचाई और तमाड़ प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र स्थित घने जंगलों और ऊंची-नीची पहाड़ियों से घिरे गुट्टी गांव के ग्रामीणों को पहली बार विकास की वास्तविक किरण नजर आई है। इस इलाके तक पहुंचना आज भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने खुद बाइक से करीब 25 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया। बुंदीबादी के बीच दुर्गम रास्तों से होकर गुट्टी गांव पहुंचे। विधायक ने वहां राजकीय उच्च मध्य विद्यालय गुट्टी के प्रांगण में दुर्गा मुंडा की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा कर ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं से अवगत हुए। ग्रामीणों ने विधायक दशरथ गागराई के सामने सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी कई गंभीर समस्याएं उठाईं। बैठक में क्षेत्र के विकास एवं जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। ग्राम सभा ने सरायकेला-खरसावां जिले के अंतिम छोर स्थित बारूहातु पंचायत के देशव पहाड़ मध्य विद्यालय से तमाड़ विधानसभा क्षेत्र के मानकीडीह पंचायत अंतर्गत गुट्टी गांव तक लगभग छह किलोमीटर नई सड़क निर्माण की मांग की। इसके अलावा रोलाहातु पंचायत के अतरा गांव से गुट्टी तक करीब पांच किलोमीटर सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राजकीय उच्च मध्य विद्यालय, गुट्टी के नए भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जामपुड़ा, नव प्राथमिक विद्यालय डाऊजोबेला तथा नव प्राथमिक विद्यालय चपदलोर के लिए नए स्कूल भवन निर्माण की मांग भी ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत की गई। ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों को संबंधित विभागों एवं प्रशासन के समक्ष भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
खटिया पर मरीज और पगडंडियों का सहारा
गुट्टी के ग्रामीणों ने बताया कि सड़क न होने के कारण आवागमन में खास कर बारिश के दिनों में काफी परेशानी होती है। गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती है, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती है। कुचाई के अतरा से मानकीडीह (5 किमी) व देशवापहाड़ से गुंटी तक (6 किमी) सड़क निर्माण की मांग की। पेयजल की स्थिति भी दयनीय है। स्वच्छ पानी के लिये हर दिन जुझना पड़ता है। पाहाड़ियों की तलहटा पर बसे इस गांव में स्कूल और संचार व्यवस्था (नेटवर्क) का अभाव बच्चों के भविष्य और सूचना तंत्र पर भारी पड़ रहा है।

1960 में स्थापित गुट्टी मध्य विद्यालय का भवन जर्जर
कुचाई और तमाड़ के सीमा पर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय गुंटी का स्कूल भवन जर्जर हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 65 वर्ष पहले 1960 में पत्थरों पर मिट्टी फिलिंग कर (पाहाड़ी मिट्टी व पानी के मिश्रण से तैयार कच्चे गारा बना कर) स्कूल भवन बनाया गया था। स्कूल में लगे सीमेंट का एस्बेस्टस के छप्पर भी टूट रहे है। ग्रामीणों ने विधायक दशरथ गागराई से राजकीय मध्य विद्यालय गुट्टी के साथ साथ उत्क्रमित प्राथमिक भवन जुंपुड़ा, नव प्राथमिक भवन डाउजोबेला व नव प्राथमिक विद्यालय चपदलोर के लिये पक्का स्कूल भवन बनवाने की मांग की।

दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता-गागराई
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है, जिससे आवागमन सुगम हो और व्यापार-शिक्षा को बढ़ावा मिले। उन्होने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार और प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना, शिक्षा, स्वास्थ्य, और मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करना इसका मुख्य लक्ष्य है। ग्रामीण जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठाएं।

ग्रामीणों में जगी उम्मीद
खरसावां विधायक दशरथ गागराई के गुट्टी गांव पहुचने पर ग्रामीणों के बीच नई उम्मीद जगी है कि उनका क्षेत्र भी अब जल्द ही विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बनेगा। इस दौरान मुख्य रुप से दुर्गा मुंडा, कुचाई थाना प्रभारी नरसिंह मुंडा, दलभंगा ओरी प्रभारी रविंद्र मुंडा, धर्मेंद्र मुंडा, सुरेश नाथ सिंह मुंडा, गुरवा मुंडा, करम सिंह मुंडा, सिंगराय मुंडा, मुन्ना सोय, राहुल सोय, बुधराम मुंडा, चिंतामणी मुंडा, बाबूलाल मुंडा, गांगी सोय, नंदी टुटू, कौशल्या देवी आदि मौजूद थे।
