सरायकेला के मुरुप में मां मनसा की प्रतिमा विसर्जित, ‘मनसा मंगल’ गीतिनाट्य ने बांधा समां, भक्ति और लोकसंस्कृति के रंग में रंगा गांव, कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन, श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां मनसा को दी विदाई,
Seraikella
सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरुप गांव में मां मनसा पूजा के अवसर पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुक्रवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। पूजा-अर्चना के बाद मां मनसा की प्रतिमा का स्थानीय जलाशय में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां मनसा के जयकारे लगाते हुए नम आंखों से विदाई दी और सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
पूजा के अवसर पर आयोजित रात्रि जागरण में ‘मनसा मंगल’ गीतिनाट्य का भव्य मंचन आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने गीत, संगीत और अभिनय के माध्यम से मां मनसा की महिमा तथा धार्मिक कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। गीतिनाट्य देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु जुटे। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति और धार्मिक प्रसंगों के सुंदर चित्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान गांव का माहौल भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा।
लोककला और परंपरा को सहेजने की पहल
मुरुप निवासी सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान ने बताया कि आयोजन समिति की ओर से ‘मनसा मंगल’ गीतिनाट्य का मंचन लोककला एवं पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक मान्यताओं, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में कलाकारों और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की।
समापन के अवसर पर श्रद्धालु मां मनसा की प्रतिमा को जयकारों के बीच विसर्जन स्थल तक ले गए, जहां विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम प्रधान जीतमोहन महतो, भैरब प्रधान, आयोजन समिति के सदस्यों, कलाकारों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
