खरसावां के बाघरायडीह में वनदेवी स्वरूप में हुई मां दुर्गा की पूजा-अर्चना
कांटों की सेज पर लेटे श्रद्धालु, दहकते अंगारों पर नंगे पांव चले भक्त; विधायक दशरथ गागराई ने टेका माथा,
kharsawan
खरसावां प्रखंड के बाघरायडीह गांव स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ माता दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। एकादशी के अवसर पर आयोजित पूजा में आस्था और हठभक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने जलाशय में पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा निकाली और मंदिर पहुंचकर माता के दरबार में माथा टेका।
पूजा के दौरान भक्तों ने परंपरा के अनुसार कई कठिन अनुष्ठान किए। कुछ श्रद्धालु नुकीले कांटों की सेज पर लेटे, तो कुछ पर डंडों से प्रहार किया गया। इसके बाद भक्तों ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी मन्नत पूरी की। इन अनुष्ठानों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु जुटे रहे। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। पूजा के दौरान बकरे की बलि भी दी गई।
विधायक ने की क्षेत्र की खुशहाली की कामना
खरसावां विधायक दशरथ गागराई भी बाघरायडीह स्थित माता दुर्गा मंदिर पहुंचे। उन्होंने माता के दरबार में माथा टेककर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनाराम बोदरा, पंचायत की मुखिया सबिता मुंडारी, जेएलकेएम नेता तरुण महतो और नवीन महतो समेत अन्य लोगों ने भी माता की पूजा की।
पूजा के सफल आयोजन में देवरी रामरतन प्रधान, बबलू प्रधान, नरेश प्रधान, विष्णु प्रधान, देवाशीष प्रधान और अजीत प्रधान सहित समस्त ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।
1940 से वनदेवी स्वरूप में पूजा की परंपरा
बाघरायडीह का प्राचीन दुर्गा मंदिर क्षेत्र में लोक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्ष 1940 से मां दुर्गा की वनदेवी स्वरूप में पूजा-अर्चना किए जाने की परंपरा चली आ रही है। मंदिर में माता की जीवंत प्रतिमा स्थापित है और सालभर प्रतिदिन पूजा होती है। प्रत्येक वर्ष विजयादशमी के दूसरे दिन एकादशी पर विशेष पूजा के साथ विभिन्न धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
मान्यता है कि सच्चे मन से माता की आराधना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी विश्वास के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के अलावा झारखंड के अन्य क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
October 23, 2026 10: 23 pm
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