खरसावां के लोसोदिकी में दहकते अंगारों पर चले मां
मनसा के भक्त, हठभक्ति और आस्था का दिखा अद्भुत संगम,
श्रद्वालुओं की मौजूदगी में निभाई गई वर्षों पुरानी परंपरा,
Kharsawan
खरसावां प्रखंड अंतर्गत लोसोदिकी गांव में मां मनसा पूजा के अवसर पर आस्था और हठभक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। वर्षों पुरानी परंपरा के तहत दर्जनों श्रद्धालुओं ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी भक्ति प्रदर्शित की। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मां मनसा के प्रति श्रद्धा और मन्नत पूरी होने की खुशी में भक्तों ने पहले उपवास और व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद ‘नियामाड़ा’ नामक अनुष्ठान के तहत हठभक्त दहकते अंगारों पर नंगे पांव चले। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों ने भी अनुष्ठान में हिस्सा लिया। कुछ महिलाएं गोद में बच्चों को लेकर अंगारों पर चलती नजर आईं। वहीं, कई श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जलते अंगारों के बीच नृत्य कर अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे आयोजन के दौरान गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा। मां मनसा के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। लोसोदिकी में आयोजित इस अनुष्ठान ने क्षेत्र की लोक आस्था और वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा की झलक पेश की।

वर्षों से चली आ रही है नियामाड़ा की परंपरा
लोसोदिकी गांव में मां मनसा पूजा के अंतिम चरण में नियामाड़ा अनुष्ठान आयोजित करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हर वर्ष श्रद्धालु पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ इस परंपरा का निर्वहन करते हैं। हठभक्तों का मानना है कि यह अनुष्ठान पूरी तरह मां मनसा को समर्पित है। मन्नत पूरी होने पर भक्त इस कठिन धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से देवी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। उनके अनुसार, यह परंपरा मन और आत्मा की शांति तथा अटूट आस्था का प्रतीक है।
विधायक दशरथ गागराई ने परिवार संग की पूजा
धार्मिक आयोजन में खरसावां के विधायक दशरथ गागराई भी अपने परिवार के साथ शामिल हुए। उन्होंने पत्नी बासंती गागराई, पुत्र राहुल गागराई और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मां मनसा के पीठ पर माथा टेककर पूजा-अर्चना की तथा आशीर्वाद लिया। विधायक ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
