जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत जिले के 20 पंचायतों में पीवीटीजी समुदायों के लिए विशेष जागरूकता एवं लाभुक संतृप्तिकरण शिविर आयोजित…*
*स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज सत्यापन, आवेदन प्राप्ति एवं योजनाओं से आच्छादन को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा शिविर में दी गई सेवाएं.
Seraikella
जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 अंतर्गत पीवीटीजी समुदायों के लिए विशेष जागरूकता एवं लाभुक संतृप्तिकरण अभियान के तहत आज जिले के विभिन्न प्रखंडों के चिन्हित ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए गए।

आज आयोजित शिविरों के तहत सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुडुकुम, पठानमारा तथा कमलपुर, खरसावां प्रखंड अंतर्गत रीडिंग एवं हरिभान्जा, कुचाई प्रखंड अंतर्गत तिलोपददा एवं पोंडाकाटा, राजनगर प्रखंड अंतर्गत ऐदल, धुरिपदा एवं राजनगर, गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत मुड़िया, दुगनी एवं बड़ाकांकड़ा, चांडिल प्रखंड अंतर्गत चांडील एवं रुदिया, नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गौरडीह, ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत टीकर तथा कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत तिरुलडीह, चौडा एवं कुकड़ू पंचायत भवन में शिविर आयोजित किए गए।

आयोजित शिविरों में ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए गए। शिविर में स्वास्थ्य जांच, दस्तावेज सत्यापन, पेंशन, राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य विभागीय योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया तथा प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं सरकारी सुविधाओं की जानकारी प्रदान करते हुए अधिक से अधिक योग्य लाभुकों को योजनाओं से आच्छादित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त शिविरों में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
ज्ञात हो कि यह विशेष अभियान दिनांक 18 मई से 25 मई 2026 तक जिले के चिन्हित जनजातीय क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा उन्हें सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करना है।
