1 जनवरी शहीद दिवस पर राष्ट्रपति को आमंत्रित करेगी शहीद स्मारक समिति खरसावां गोलीकांड के इतिहास को राष्ट्रीय पटल पर लाने की तैयारी, आदिवासी कला सांस्कृतिक भवन में हुई बैठक
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खरसावां मे आगामी 1 जनवरी 2027 को मनाए जाने वाले ऐतिहासिक शहीद दिवस ‘दीरी दुल सुनुम’ की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आदिवासी कला सांस्कृतिक भवन, खरसावां में शहीद स्मारक समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के उपाध्यक्ष सालेन सोय ने की। इसमें शहीद दिवस को लेकर विभिन्न तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाले शहीद दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि खरसावां गोलीकांड झारखंड के इतिहास की एक महत्वपूर्ण और दर्दनाक घटना है। आजाद भारत में आदिवासियों पर हुए इस गोलीकांड में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। उनके बलिदान और संघर्ष की गाथा को देश के सामने लाना तथा नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराना समाज की जिम्मेदारी है।
समिति के सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रपति के संभावित आगमन से खरसावां गोलीकांड और यहां के शहीदों के इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही शहीदों के बलिदान और आदिवासी समाज के संघर्ष को व्यापक रूप से देश के सामने रखने का अवसर मिलेगा। बैठक में शहीद दिवस समारोह को ऐतिहासिक एवं भव्य बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ तैयारियां शुरू करने पर भी सहमति बनी। समिति के सदस्यों ने कहा कि समारोह के आयोजन में शहीदों के इतिहास और उनके बलिदान को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।
बैठक में मनोज कुमार सोय, उमेश बोदरा, रामलाल हेंब्रम, सालेन सोय, उदय सोय, अजय सामड, तुराम वोयपाई, लाल सिंह हेंब्रम, डबुआ सोय, नागेन सोय, काजल सरदार, विजय दीग्गी, मानकी बांडया, मनेन्द्र जामुदा, मानसिंह बांकीरा, लाल सिंह सोय, गोमा पाडीया समेत बड़ी संख्या में शहीद स्मारक समिति के सदस्य उपस्थित थे।
