राजनगर के मातकमबेड़ा में 300 साल पुराने
बूढ़ा बाबा मंदिर में राजा पर्व की तैयारी शुरू,
Rajnagar राजनगर प्रखंड अंतर्गत शहीद ग्राम मातकमबेड़ा में स्थित 300 साल पुराने प्राचीन बूढ़ा बाबा मंदिर में राजा संक्रांति के अवसर पर 14 जून से 17 जून तक पर्व का आयोजन होगा। इस पर्व को देखते हुए मंदिर का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है। एक बार मंदिर की चारदीवारी और छत का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी ग्रामीणों को स्वप्नादेश हुआ कि बाबा पुआल के छत में रहना चाहते हैं। इसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया और आज भी मंदिर का छत पुआल का ही है, जिसे हर साल मरम्मत किया जाता है। राजा संक्रांति के 7 दिन पूर्व से पूजा-पाठ शुरू हो जाता है। समाजसेवी गोविंद पति ने मंदिर प्रांगण में पहुंचकर बूढ़ा बाबा के चरणों में माथा टेका और आगामी पर्व और मंदिर मरम्मत कार्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान की। गोविंद पति एक समाजसेवी और भाजपा युवा नेता हैं। उनके इस सहयोग से ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
September 6, 2026 7: 55 pm
Breaking
- 6 सितंबर को कुड़मि समाज ने मनाया काला दिवस, एसटी सूची में पुनः शामिल करने की उठी मांग, कुड़मि समाज के लिए 6 सितंबर एक गहरे दर्द और ऐतिहासिक अन्याय की स्मृति है-पंकज महतो
- खरसावां मे गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित विशेष समारोह का आयोजन, छऊ गुरुओं का सम्मान, गुरु ही कलाकार की प्रतिभा को देता है सही दिशा-सुखराम उरांव
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मना शिक्षक दिवस, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें सूचना देता है, शिक्षक हमें सोचना सिखाते हैं-अदिति कुमारी
- शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा खरसावां ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल,
- मनोहरपुर में 5 सितंबर को टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ,-सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी दिखाएंगे हरी झंडी
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में आरएचडब्ल्यूई के दस दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण अनुभव से उद्योग तक विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण,
- खरसावां पहुंची भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा, युवाओं को नौकरी उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, पैसे के बल पर नहीं-देवेंद्र महतो
- खरसावां-कुचाई में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आस्था व उल्लास के साथ मना, श्रद्वालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों की पूजा-अर्चना, सुख-शांति व समृद्वि की कामना
