किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ दें, KCC से शत-प्रतिशत आच्छादन का लक्ष्य पूरा करें : उपायुक्त
लैंप्स समितियों को सक्रिय करने, खाद की कालाबाजारी रोकने और वैकल्पिक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने पर जोर
Seraikella
सरायकेला। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कृषि एवं संबद्ध विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने किसान पंजीकरण में तेजी लाने, बीज वितरण का कार्य पूरा करने, पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ने तथा लंबित पशुधन वितरण शीघ्र पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पात्र किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पंचायत एवं ग्राम स्तर पर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र किसानों को योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया।
बीज वितरण और किसान पंजीकरण में लाएं तेजी
बीज वितरण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पंजीकृत किसानों के बीच बीज वितरण का कार्य पूरा करने को कहा। क्षेत्र की कृषि परिस्थितियों के अनुरूप गेहूं, तिलहन, सरसों, चना और अरहर सहित अन्य फसलों के बीज इच्छुक किसानों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत बीज वितरण में दोहराव नहीं होना चाहिए।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि उपकरण और उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने मृदा जांच में तेजी लाने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित पात्र किसानों को जोड़ने तथा शत-प्रतिशत पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने फसलों के रखरखाव, उचित भंडारण और समय पर बुवाई एवं कटाई के संबंध में किसानों को प्रशिक्षण देने को भी कहा।
अफीम-गांजा की खेती के विकल्प बताएंगे अधिकारी
नारकोटिक्स प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के साथ बैठक कर उन्हें अफीम एवं गांजा की खेती के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तथा वैकल्पिक कृषि गतिविधियों और आजीविका के अवसरों से जोड़ने को कहा।
लंबित पशुधन वितरण जल्द पूरा करने का निर्देश
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत क्षेत्रवार इच्छुक एवं पंजीकृत किसानों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र लाभुकों को योजना का लाभ देने का निर्देश दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित वैसे लाभुकों, जिन्हें अब तक पशुओं का वितरण नहीं किया गया है, के बीच पशुधन वितरण शीघ्र पूरा करने को कहा। इसके साथ ही लंबित पीपीआर (PPR) टीकाकरण संबंधी डेटा एंट्री का कार्य भी पूरा करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने जेएसएलपीएस (JSLPS) को कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं के तहत आवेदन तैयार कराने में सहयोग करने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पात्रता के अनुसार विभिन्न योजनाओं से जोड़ने को कहा। उन्होंने महिला समूहों की आजीविका और आय बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
लैंप्स समितियों को सक्रिय करने और खाद दुकानों की जांच का निर्देश
सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को सदस्यता वृद्धि अभियान चलाकर लैंप्स (LAMPS) समितियों को सक्रिय करने का निर्देश दिया। शेष लैंप्स में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का संचालन शुरू करने, डिजिटल सेवा केंद्रों के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने तथा इच्छुक केंद्रों में झारसेवा आईडी के माध्यम से सेवाएं शुरू करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा।
उर्वरक दुकानों के संचालन के लिए प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन करने तथा दुकानों का नियमित और औचक निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया गया। उपायुक्त ने उर्वरक के उठाव एवं वितरण पर निगरानी रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद नहीं बेची जाए।
मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और बांस उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
मत्स्य विभाग को इच्छुक मत्स्य समितियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, प्रशिक्षण देने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। वहीं, उद्यान विभाग के तहत मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके किसानों को योजनाओं का लाभ देने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने बांस प्रशिक्षण और बांस से निर्मित सामग्री के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इच्छुक एवं पात्र किसानों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण देने तथा आवश्यक उपकरण एवं सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने को कहा। उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, उप निदेशक आत्मा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
