पात्र लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ दें अधिकारी : उपायुक्त
आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण और पोषण ट्रैकर पर डेटा एंट्री में तेजी लाने का निर्देश
Seraikella
सरायकेला। समाहरणालय सभागार में शनिवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग एवं सामाजिक सुरक्षा कोषांग की योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी पात्र लाभुकों को समयबद्ध तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पोषणयुक्त आहार और निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। केंद्रों में पेयजल, स्वच्छता, पोषण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ संबंधित पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों को दूर कर इसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VH-SND) के नियमित आयोजन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन गतिविधियों का आयोजन किया जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता संबंधी सेवाएं मिल सकें। इसके लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं (LS) को निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पोषण ट्रैकर पर समय से दर्ज हो लाभुकों का विवरण
पोषण ट्रैकर ऐप की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं से संबंधित सूचनाओं की नियमित और ससमय डेटा एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दर्ज किए गए आंकड़ों की शुद्धता और अद्यतन स्थिति की नियमित जांच की जाए। लंबित प्रविष्टियों का समयबद्ध निष्पादन करते हुए डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर किया जाए।
किशोरियों और माताओं को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने योजना से वंचित पात्र किशोरियों की पहचान कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों और क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पात्र किशोरियों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।
वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन करने तथा पात्र माताओं को नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने लंबित आवेदनों के निष्पादन और आवेदन से लेकर भुगतान तक की स्थिति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
स्पॉन्सरशिप योजना के बच्चों का होगा सत्यापन
स्पॉन्सरशिप योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने चयनित बच्चों का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान यह जांच की जाए कि लाभुक बच्चों को निर्धारित आर्थिक सहायता नियमित रूप से मिल रही है या नहीं और वे सुरक्षित पारिवारिक वातावरण में रह रहे हैं या नहीं। बच्चों के शोषण, दबाव अथवा किसी अन्य प्रतिकूल परिस्थिति से प्रभावित होने की आशंका मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा उनके संरक्षण एवं हितों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने योजना के लाभ से वंचित पात्र बच्चों की पहचान के लिए क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण और सत्यापन कराने को भी कहा। पात्रता के अनुरूप आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराकर जरूरतमंद बच्चों को सरकारी सहायता से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने और नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग निवेदिता राय, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
