झारखंड जनशक्ति मंच का गठन, बिरसा सोय बने केंद्रीय अध्यक्ष,
संगठन विस्तार और जनहित के मुद्दों पर बनी रणनीति, जल-जंगल-जमीन, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता,
kharsawan
खरसावां पथ निरीक्षण भवन में रविवार को अभय सिंह जामुदा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में झारखंड जनशक्ति मंच (जेजेएम) का विधिवत गठन किया गया। बैठक में झारखंड के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद संगठन को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान उपस्थित सदस्यों और संस्थापक साथियों ने सर्वसम्मति से बिरसा सोय को मंच का केंद्रीय अध्यक्ष चुना। केंद्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद बिरसा सोय ने सभी साथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि झारखंड जनशक्ति मंच उनके लिए केवल एक संगठन नहीं, बल्कि जनहित, सामाजिक न्याय और झारखंड के अधिकारों के लिए एक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि साथियों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मंच की गतिविधियों में गांव और आम लोगों की समस्याओं को केंद्र में रखा जाएगा। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं शिक्षा के अवसर, पलायन, स्वास्थ्य व्यवस्था, किसानों और मजदूरों के हित तथा वंचित वर्गों के अधिकार जैसे विषय प्राथमिकता में रहेंगे। मंच के माध्यम से जनजागरूकता, सामाजिक एकजुटता और जनसंवाद को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। बैठक में संगठन के आगामी विस्तार, सदस्यता अभियान तथा प्रखंड और जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचा तैयार करने पर चर्चा हुई। गांव-गांव तक जनसंपर्क और जनजागरण अभियान चलाने की कार्ययोजना बनाने पर भी सहमति बनी। बिरसा सोय ने कहा कि झारखंड जनशक्ति मंच किसी व्यक्ति विशेष का मंच नहीं होगा, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति को साथ लेकर आगे बढ़ेगा। संगठन में सामूहिक नेतृत्व, लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों ने मंच को मजबूत और जनहितकारी संगठन के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। बैठक में अभय सिंह जामुदा, भरत उरांव, गुलाब सिंह सोय, मंगल हेंब्रम, शशि करम सुंडी, बुधन सिंह जामुदा, प्रकाश जामुदा, रायसिंह जामुदा, दुर्गा चरण पुरती, काटेराम गोप, गुलाब कुम्हार, देवेंद्र जी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
