सरायकेला के ऐतिहासिक रथ मेला के विकास के लिए मुख्यमंत्री से करेगे मुलाकात : दशरथ गागराई
Seraikella
सरायकेला: सरायकेला के ऐतिहासिक गुंडिचा मंदिर में बुधवार देर शाम खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन-पूजन कर राज्य और क्षेत्रवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, झामुमो जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी गणेश महाली, बैद्यनाथ टुडू, रानी हेंब्रम एवं वासुदेव महतो भी मौजूद रहे। श्री जगन्नाथ मेला समिति ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर पारंपरिक सम्मान किया।

सभा को संबोधित करते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि उन्हें 18 जुलाई को रथ मेला उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण राज्य से बाहर रहने की वजह से वे शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सरायकेला-खरसावां की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं पूरे झारखंड के लिए प्रेरणास्रोत हैं तथा राज्य सरकार इनके संरक्षण और विकास के लिए हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने मेला समिति के अध्यक्ष एवं नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी सहित सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि करीब 350 वर्ष पुराना सरायकेला का श्री जगन्नाथ रथ मेला आज रांची के बाद झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा रथ मेला बन चुका है। उन्होंने बताया कि मेले के निरंतर विस्तार के कारण स्थल की कमी महसूस की जा रही है। उन्होंने गुंडिचा मंदिर के सामने स्थित जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों को हटाकर भूमि का समतलीकरण करने और वहां एक विशाल मैदान विकसित करने की मांग रखी, ताकि भविष्य में रथ मेला, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों का बेहतर संचालन हो सके।
मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए विधायक दशरथ गागराई ने आश्वासन दिया कि सरायकेला की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत और श्री जगन्नाथ रथ मेला के समुचित विकास के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रतिनिधिमंडल के साथ यह मामला उठाया जाएगा। विधायक के इस आश्वासन का उपस्थित जनप्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं और मेला समिति के सदस्यों ने स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन भोला मोहंती ने किया। इस अवसर पर मेला समिति के उपाध्यक्ष गोविंद साहू, सचिव छोटेलाल साहू, सांस्कृतिक सचिव रूपेश साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
