कुचाई में खेलो झारखंड प्रतियोगिता का शानदार आगाज, फुटबॉल में बारडीह की बालक टीम और प्लस टू उच्च विद्यालय की बालिका टीम बनी विजेता
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कुचाई प्रखंड के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शुक्रवार को खेलो झारखंड के तहत प्रखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ बीईईओ संजय कुमार जोशी, बीपीओ मिहिर कुमार दास, शिक्षक रूद्र प्रताप महतो, मंगल बेसरा एवं कुशल सिंह सोय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। प्रतियोगिता में प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारकर उन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर उपलब्ध कराना है। शुभारंभ के दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

एथलेटिक्स से कबड्डी तक दिखा खेल कौशल
प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, कबड्डी, फुटबॉल और वॉलीबॉल समेत विभिन्न खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की तालियों से पूरा माहौल रोमांचक बना रहा।
फुटबॉल में बारडीह और प्लस टू विद्यालय का दबदबा
फुटबॉल के बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में उत्क्रमित मध्य विद्यालय बारडीह ने उच्च विद्यालय गालूडीह को 1-0 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। वहीं बालिका वर्ग के फाइनल में प्लस टू उच्च विद्यालय की टीम ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय गोपीडीह को 2-1 से हराकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी : संजय कुमार जोशी
बीईईओ संजय कुमार जोशी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ खेल की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरी निष्ठा, मेहनत और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।
बीपीओ मिहिर कुमार दास ने कहा कि खेलो झारखंड ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने का माध्यम है। ऐसे आयोजनों से प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। शिक्षक रूद्र प्रताप महतो ने कहा कि खेल गतिविधियों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वे नशे सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से लेखापाल रूपेश महांती, शिक्षक अरविंद कुमार, श्रीकांत महतो, राजकुमार महतो, राजेन्द्र गुंदुवा समेत अन्य शिक्षक-कर्मी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
