झारखंड आदिवासी महोत्सव का शुभारंभ, लोक संस्कृति की छटा बिखरी
सांसद जोबा मांझी, डीसी नितेश कुमार सिंह व एडीसी जयवर्धन कुमार ने किया दीप प्रज्वलित,पारंपरिक नृत्य-संगीत ने बांधा समां, आदिवासी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश
Seraikella
सरायकेला। जिला प्रशासन के तत्वावधान में रविवार को सरायकेला नगर स्थित टाउन हॉल में झारखंड आदिवासी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पश्चिमी सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी, उपायुक्त नितेश कुमार सिंह और अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, आईटीडीए निदेशक उषा मुंडू, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि राज बागची समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड आंदोलनकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान करने के साथ हुई। इसके बाद महोत्सव के तहत झारखंड की समृद्ध आदिवासी लोक संस्कृति, परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में आदिवासी नृत्य और लोक संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत की धुनों के बीच कलाकारों की प्रस्तुतियों से टाउन हॉल परिसर में झारखंड की लोक संस्कृति की जीवंत छटा बिखर उठी। उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़ने तथा राज्य की विशिष्ट लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार, ऐसे सांस्कृतिक आयोजन आदिवासी समाज की कला, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को मंच प्रदान करने के साथ-साथ इसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
