खरसावां-कुचाई में बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्यार और स्नेह का धागा, उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की
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खरसावां, कुचाई एवं बड़ाबाम्बो प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना एवं तिलक के बाद भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार भेंट कर उनकी रक्षा एवं हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनात्मक झलक देखने को मिली।
हिंदू संस्कृति में रक्षाबंधन को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और आपसी स्नेह का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार लोगों ने पंचांग के अनुसार शुभ समय में विधि-विधान के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। खरसावां शहरी क्षेत्र के अलावा बुरूडीह, पदमपुर, अरूवां, कुचाई, बड़ाबाम्बो, आमदा, हरिभंजा, देहरूडीह, शिमला, गोढ़पुर, चिलकु, कृष्णापुर, जोरडीहा, जोजोडीह, जोजोहातु, दलभंगा, रामगढ़ एवं लालबाजार समेत आसपास के गांवों में भी रक्षाबंधन पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया।
पर्व को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल रही। राखी, मिठाई एवं उपहार की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई। बहनों ने भाइयों के लिए आकर्षक राखियों और मिठाइयों की खरीदारी की। वहीं, रक्षाबंधन के कारण अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान दोपहर के बाद बंद रहे, जिससे बाजार में सामान्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कुछ कम रही।
रक्षाबंधन को लेकर खरसावां, कुचाई एवं बड़ाबाम्बो क्षेत्र में दिनभर उत्सवी माहौल बना रहा। घर-घर में भाई-बहन के स्नेह और आत्मीयता का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया।
