खरसावां के आकर्षिणी दरबार में निशुल्क नेत्र जाँच
व उपचार शिविर, 18 रोगी मोतियाबिंद से ग्रसित पाए गए
kharsawan खरसावां के आकर्षिणी दरबार में निशुल्क नेत्र जाँच व उपचार शिविर आयोजित खरसावां के माता आकर्षिनी के दरबार में आखान यात्रा के शुभ अवसर पर निशुल्क नेत्र जांच व उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन सरायकेला खरसावां जिला अंधापन नियंत्रण समिति एव श्री साई सेवा संस्थान रेंगोगोडा संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस शिविर में कुल 240 लाभुकों को नेत्र जांच उपरांत उचित आवर्धन क्षमता युक्त चश्मा निशुल्क उपलब्ध कराया गया एव 18 रोगी मोतियाबिंद से ग्रसित पाए गए। जिसका उपचार सदर अस्पताल सरायकेला में किया जाएगा। शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा उपस्थित हुए एवं उन्होंने आयोजित शिविर की काफी प्रशंसा की। शिविर का आयोजन में श्री साइन सेवा संस्थान रेंगोगोडा के संरक्षक घनपत महतो, सुभद्रा महतो अध्यक्ष, कलीपद् महतो उपाध्यक्ष, सुलेखा महतो सचिव, नेत्र सहायक सीताराम महतो, मोहन महतो, कार्तिक महतो आदि का सहयोग सारानीय रहा।
September 7, 2026 11: 39 am
Breaking
- 6 सितंबर को कुड़मि समाज ने मनाया काला दिवस, एसटी सूची में पुनः शामिल करने की उठी मांग, कुड़मि समाज के लिए 6 सितंबर एक गहरे दर्द और ऐतिहासिक अन्याय की स्मृति है-पंकज महतो
- खरसावां मे गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित विशेष समारोह का आयोजन, छऊ गुरुओं का सम्मान, गुरु ही कलाकार की प्रतिभा को देता है सही दिशा-सुखराम उरांव
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मना शिक्षक दिवस, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें सूचना देता है, शिक्षक हमें सोचना सिखाते हैं-अदिति कुमारी
- शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा खरसावां ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल,
- मनोहरपुर में 5 सितंबर को टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ,-सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी दिखाएंगे हरी झंडी
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में आरएचडब्ल्यूई के दस दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण अनुभव से उद्योग तक विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण,
- खरसावां पहुंची भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा, युवाओं को नौकरी उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, पैसे के बल पर नहीं-देवेंद्र महतो
- खरसावां-कुचाई में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आस्था व उल्लास के साथ मना, श्रद्वालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों की पूजा-अर्चना, सुख-शांति व समृद्वि की कामना
