भगवान श्रीकृष्ण गौड़ समाज के कुलदेवता है-शम्भुनाथ
Seraikella
सरायकेला: क्षेत्रीय गौड़ समाज के सलाहकार सह सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक शंभूनाथ प्रधान ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण गौड़ समाज के कुलदेवता है इसीलिए समाज के सभी लोगों को विधिपूर्वक भगवान श्री कृष्ण का पूजा अर्चना करना चाहिए. उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण का लालन-पालन नंद जी गौड़ के घर में हुई यानी भगवान श्री कृष्ण गौड़ जाति के घर में बड़े हुए इसलिए गौड़ जाति भगवान श्री कृष्ण को कुल देवता के रूप में मानते हैं. उन्होंने बताया की कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था. बताया कंस की बहन देवकी का विवाह वासुदेव नामक यदुवंशी सरदार से हुआ था.एक बार आकाशवाणी हुई कि देवकी के गर्भ से उत्पन्न आठवां बालक तेरा वध करेगा. इसके बाद कंस ने बहन व बहनोई को कारागृह में डाल दिया. जहां कंस ने वासुदेव देवकी के एक एक करके सात बच्चे को जन्म लेते ही मार डाला. इसके बाद जब वसुदेव-देवकी को आठवा पुत्र पैदा हुआ उसी समय संयोग से यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ. उसी समय वासुदेव नवजात शिशु रूप श्रीकृष्ण को सूप में रखकर कारागृह से निकल पड़े और अथाह यमुना को पार कर नंदजी के घर पहुंचे वहां उन्होंने नवजात शिशु को यशोदा के साथ सुला दिया. इसके बाद कंस को सूचना मिली कि वासुदेव देवकी को बच्चा पैदा हुआ है तब कंस ने बंदीगृह में जाकर देवकी के हाथ से नवजात कन्या को छीनकर पृथ्वी पर पटक देना चाहा परंतु वह कन्या आकाश में उड़ गई और वहां से कहा अरे मूर्ख मुझे मारने से क्या होगा तुझे मारनेवाला तो वृंदावन में जा पहुंचा है. इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण का लालन पालन नंद जी गौड़ व यशोदा के घर हुई तब से गौड़ समाज श्रीकृष्ण को कुलदेव के रूप में मानते है.
