छऊ गुरु कामाख्या प्रसाद षाडंगी को श्रद्धांजलि, कलाकारों ने बताया खरसावां का अनमोल रत्न
kharsawan
खरसावां छऊ नृत्य कला केंद्र में सोमवार को शोक सभा आयोजित कर खरसावां शैली के प्रसिद्ध छऊ गुरु, नाट्य निर्देशक एवं शिक्षाविद स्वर्गीय कामाख्या प्रसाद षाडंगी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उपस्थित गुरुओं और कलाकारों ने उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की।
शोक सभा को संबोधित करते हुए खरसावां छऊ नृत्य कला केंद्र के सचिव मोहम्मद दिलदार ने कहा कि संसार में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति एक कलाकार होता है। हर व्यक्ति अपनी-अपनी भूमिका निभाकर इस संसार से विदा लेता है, लेकिन जिनके कर्म और योगदान श्रेष्ठ होते हैं, समाज उन्हें उनके जाने के बाद भी याद करता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कामाख्या प्रसाद षाडंगी ने कला, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे और उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
वहीं, सुमंत महंती ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कामाख्या प्रसाद षाडंगी कुशल कलाकार, गुरु और नृत्य विशारद थे। उन्होंने कला और समाज की सेवा करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से खरसावां ने अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।
छऊ और रंगमंच के विकास में रहा महत्वपूर्ण योगदान
गुरु कामाख्या प्रसाद षाडंगी ने राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय, खरसावां के प्राचार्य के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षा के साथ-साथ ओड़िया नाटक और खरसावां शैली का छऊ नृत्य उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा। उन्होंने खरसावां शैली के छऊ के लिए कई नृत्य तालों की रचना की और अपनी प्रस्तुतियों में नृत्य, भाव एवं लय का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया।
इसके अलावा वे महावीर संघ ओपेरा से भी जुड़े रहे। उन्होंने 80 से अधिक ओड़िया नाटकों में अभिनय किया तथा दर्जनों नाटकों का सफल निर्देशन किया। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र में रंगमंच को नई पहचान मिली।
बताया गया कि खरसावां की शिक्षा, भाषा, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र के लिए रविवार का दिन बड़ी क्षति लेकर आया। करीब 86 वर्ष की उम्र में जमशेदपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में उनका निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।
शोक सभा का संचालन पिनाकी रंजन ने किया। इस अवसर पर गुरु बसंत कुमार गणतायत, मो. रमजान, गुरु परमानंद, नित्या शंकर नंदा, सुदीप घोड़ेई, समीर नायक, सूरज हेम्ब्रम, मुकेश घोड़ेई, एंजेल केशरी, चांदनी हेम्बम, बिंदिया कुमारी, अंजली कुमारी, सुमित्रा दास, प्रांजल केसरी, सुमन रविदास सहित बड़ी संख्या में कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित थे।
October 22, 2026 4: 50 pm
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