परिसीमन के विरोध में 30 को रांची में विशाल आंदोलन,
कुचाई में तैयारी बैठक, यह लड़ाई समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि
झारखंड के अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का है मुद्दा,
kuchai
कुचाई प्रखंड के मुंडा-मानकी भवन में मुंडा-मानकी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की संयुक्त तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन के विरोध में आगामी 30 अगस्त को रांची में आयोजित होने वाले एक दिवसीय विशाल आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि परिसीमन के कारण आदिवासी आरक्षित सीटों में संभावित कटौती के विरोध में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

आंदोलन की तैयारी एवं अन्य आवश्यक खर्च के लिए नौकरी-पेशा लोगों से स्वेच्छा से 300 से 1000 रुपये तक सहयोग राशि लेने का निर्णय लिया गया। साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से अधिक से अधिक सहयोग का आग्रह करने तथा सभी ग्राम सभाओं के माध्यम से गांव-गांव आर्थिक सहयोग संग्रह करने पर सहमति बनी। बैठक में आदिवासी युवाओं से भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई। उपस्थित मानकी-मुंडा एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के आदिवासी अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा विषय है। वक्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 330 एवं 332 के तहत मिले अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन के नाम पर अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। बैठक में आदिवासी हो समाज महासभा के उपाध्यक्ष मनोज कुमार सोय, अपना अधिकार संगठन के श्याम सोय, सालेन सोय, अशोक मानकी, टेने सोय, सुखराम सोय, मिशन सोय, पार्वती सोय, कारू मुंडा, सनातन सिंह कुनटीया, भरत सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, गणेश सरदार, राशाय सोय, मांगीलाल सोय, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, सोगा राम मुंडा, मोती मुंडा, रानी सोय, मंगला मुंडा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
