डीकार्बोनाइजेशन का संदेश लेकर हॉर्टिकल्चर कॉलेज में चला स्वच्छता अभियान, छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, प्लास्टिक मुक्त व हरित परिसर बनाने पर दिया जोर,
khutpani
खूंटपानी: जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौती और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के अंतर्गत हॉर्टिकल्चर कॉलेज, खूंटपानी में मंगलवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। “डीकार्बोनाइजेशन के जरिए कार्बन फुटप्रिंट कम करना” विषय पर आयोजित इस अभियान में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर श्रमदान किया और स्वच्छ व हरित परिसर बनाने का संकल्प लिया। सुबह 7 बजे से 8 बजे तक चले अभियान के दौरान पूरे कॉलेज परिसर में व्यापक सफाई की गई।

कार्बन उत्सर्जन घटाने का दिया संदेश
अभियान का नेतृत्व एसोसिएट डीन डॉ. अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष डॉ. कोयल डे की देखरेख में किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकता है। सिंगल यूज प्लास्टिक का कम उपयोग, ऊर्जा की बचत, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।
कॉलेज परिसर में चला व्यापक सफाई अभियान
स्वच्छता अभियान के तहत शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक कार्यालय, छात्र-छात्राओं के छात्रावास, आंतरिक सड़कें, खुले परिसर तथा मुख्य प्रवेश द्वार की साफ-सफाई की गई। इस दौरान प्लास्टिक कचरा, सूखी पत्तियों और अन्य अपशिष्टों को एकत्र कर जैव अपघटनीय एवं पुनर्चक्रण योग्य श्रेणियों में अलग किया गया, जिससे वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
स्वयंसेवकों ने निभाई अहम भूमिका
अभियान को सफल बनाने में नामित छात्र स्वयंसेवकों मोहम्मद आदिल हुसैन, आकांक्षा एन. जाक्सा और संजीत उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
शिक्षकों ने पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील
कार्यक्रम में डॉ. अर्केंदु घोष, डॉ. शेखर साहू, डॉ. सुदीप्त प्रधान, डॉ. थिरुनारायण पी., डॉ. अमित कुमार, डॉ. रवि रंजन कुमार तथा डॉ. सुशांत दत्ता सहित अन्य शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण, बिजली की बचत, हरियाली बढ़ाने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
स्वच्छ और हरित परिसर का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रदूषण मुक्त वातावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई। कॉलेज प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही, ताकि पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान को और मजबूती मिल सके।
