खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय मे विश्व पर्यावरण दिवस पर हुई किसान गोष्ठी, किसानों को बदलती जलवायु, घटती मृदा उर्वरता, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूक करना उद्देश्य,
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खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय मे विश्व पर्यावरण दिवस पर किसानों के लिए जागरूकता सह प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बदलती जलवायु, घटती मृदा उर्वरता, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में कुदासिंगी, गोटाई और बिंज गांवों के 37 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा वैष्वी सिंह के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद वैज्ञानिक डॉ. सुरभी सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती, जल संरक्षण, फसल चक्र एवं सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी।

तकनीकी सत्र में डॉ. अमित कुमार ने सब्जी फसलों के लिए वैज्ञानिक तरीके से बीज चयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने स्वयं परागण, पर-परागण तथा संकर बीजों के गुण-दोषों पर भी किसानों को जानकारी दी। वहीं डॉ. थिरुनरायण पी. ने सब्जियों में एकीकृत रोग एवं कीट प्रबंधन पर चर्चा करते हुए खेतों की साफ-सफाई और स्टिकी ट्रैप के उपयोग को प्रभावी उपाय बताया। उन्होंने किसानों को कम लागत में स्टिकी ट्रैप तैयार करने की विधि भी बताई। डॉ. शुशांता दत्ता ने जैव उर्वरकों एवं जैविक उत्पादों के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए नीमास्त्र और बीजास्त्र बनाने की विधि से किसानों को अवगत कराया। क्रॉप कॉइन टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधि अंकित अक्षय ने जैविक खेती की चुनौतियों एवं संभावनाओं पर चर्चा करते हुए सतत कृषि प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. सुदीप्ता पधान की अध्यक्षता में आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र रहा। इस दौरान किसानों ने कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। छात्र-छात्राओं सोनल कुमारी, श्रेया मिश्रा, अदिति इक्का, शिक्षा तिवारी, दिव्यांका सुन्दर दास, मधु रागिनी, उज्ज्वल कुमार और राहुल कुमार ने इस सत्र के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं बैच 2023-24 के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन नेहा कुमारी और वैष्वी सिंह ने किया, जबकि स्वाति कुमारी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। समापन अवसर पर डॉ. अविनाश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सह-अधिष्ठाता डॉ. अरुण कुमार सिंह, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. डी.के. शाही, क्रॉप कॉइन टेक्नोलॉजी के जोनल मैनेजर सुमित सुमन, सभी वैज्ञानिकों, अतिथियों एवं किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में किसानों के बीच क्रॉप कॉइन के “पहले जैसा” बायो डीएपी के पैकेट वितरित किए गए।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उद्यान महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार की अध्यक्षता में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही विद्यार्थियों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
