कुचाई के छोटाबांडी में हुई सांस्कृतिक छऊ नृत्य,
कलाकारों ने दी भव्य प्रस्तुती, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध, छऊ नृत्य
झारखंड की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है-सोनाराम
Kuchai
कुचाई प्रखंड के अंतर्गत छोटाबांडी गांव में सांस्कुतिक छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। काण्डाबुरू छऊ समिति छोटाबांडी के द्वारा आयोजित सांस्कुतिक छऊ नृत्य में नीमडीह के जामडीह व पुरूलिया के बाघमुण्डी के कलाकारों के द्वारा रात भर चले इस आयोजन में पौराणिक व आधुनिक छऊ नृत्यों की प्रस्तुति दी गई।

सांस्कुतिक छऊ नृत्य कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष सह भाजपा नेता सोनाराम बोदरा ने फीता काटकर किया। मौके पर श्री बोदरा ने कहा कि छऊ नृत्य झारखंड की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि झारखंड का छऊ नृत्य अपनी विशिष्ट कला, लोक परंपराओं और पौराणिक कथाओं के प्रस्तुतीकरण के कारण न केवल देश बल्कि विदेशों में भी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि छऊ नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित होने का अवसर मिलता है तथा सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। वही पूरी रात दर्शक छऊ नृत्य का लृफ्त उठाते रहे। नृत्य रात भर चलता रहा जिससे देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। इस दौरान मुख्य रूप से डुमू गोप, सत्येंद्र कुम्हार, बैजनाथ महतो, बिष्कंठ प्रधान, आशु मुंडा, गणेश राम मुंडा, कंचन सोय, सितंबर लोवादा समेत काफी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
