खरसावां के पहाड़ी क्षेत्र से घिरे रायजामा सुदूरवर्ती
टोलों में प्राकृतिक जल स्रोत बना सहारा, हर घर नल योजना के
विस्तार की तैयारी, जल्द दूर होगी पेयजल समस्या,
Kharsawan
खरसावां प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र स्थित ग्राम रायजामा के मूंगा टोला एवं पिचांग टोला में ग्रामीणों ने पेयजल समस्या से निपटने के लिए सराहनीय पहल की है। गांव के समीप पहाड़ों के बीच स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी को बस्तियों तक पहुंचाकर पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

इन टोलो का खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने निरीक्षण किया। साथ ग्रामीणों के साथ बैठक कर, हर घर नल योजना के तहत पेयजल समस्या को जल्द से जल्द दूरकरने का पहल किया। जानकारी के अनुसार, मूंगा टोला और पिचांग टोला में कुल तीन स्थानों पर प्राकृतिक जल स्रोतों का उपयोग कर ग्रामीणों ने सामुदायिक सहयोग से जलापूर्ति की व्यवस्था विकसित की है। इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है, हालांकि स्थायी समाधान के लिए सरकारी स्तर पर भी प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने बताया कि जल्द ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों के साथ इन तीनों स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद हर घर नल योजना के तहत इन क्षेत्रों तक नियमित एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुदूरवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करते हुए आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने के लिए विभागीय स्तर पर योजना तैयार की जा रही है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि विभागीय निरीक्षण और आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेक्ष जल की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

दुर्गम क्षेत्रों सड़क बनी समस्या
दुर्गम क्षेत्रों और पहाड़ी या घने जंगलों वाले टोलो (बस्तियों) में पक्की सड़क न होना विकास की सबसे बड़ी बाधा है। इसके कारण इन क्षेत्रों में कई गंभीर और तात्कालिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। पगडंडियों और कच्चे रास्तो पर चलने की मजबूरी के कारण लोग अक्सर पैदल या दुपहिया वाहनों पर निर्भर रहते है। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं बाधित होती हैं।
