सरायकेला के महालिमोरूप रेलवे स्टेशन के यात्री समस्याओं के समाधान हेतु ऑडिटर को सौंप गया ज्ञापन,
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दक्षिण पूर्व सेंट्रल रेलवे बिलासपुर से चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत महालिमोरुप रेलवे स्टेशन व मुरुप रेलवे फाटक का “सेफ्टी ऑडिट इंस्पेक्शन” करने पहुंचे आला अधिकारियों को महालिमोरूप रेलवे स्टेशन के यात्री समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन प्रतिनिधि मंडल द्वारा सौंप गया। प्रतिनिधि मंडल में मुरुप पंचायत के मुखिया तपास कुमार महतो, पंचायत समिति सदस्या अनिता प्रधान, गुराडीह एवं रेन्गुडीह के ग्राम प्रधान क्रमश: अश्वनी कुमार सिंहदेव व हृदयानंद महतो, युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान, अनिरुद्ध प्रमाणिक, अजीत प्रधान, गुरुपद महतो,
डा सदानंद महतो, प्रमेश्वर् महतो, जगन्नाथ प्रधान, तपन मंडल, मनोज प्रधान, विकास प्रमाणिक आदि शामिल थे। ज्ञापन में महालिमोरूप स्टेशन क्षेत्र के मुखिया,पंचायत समिति सदस्या,वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान समेत 312 लोगों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में कहा गया कि महालिमोरूप रेलवे स्टेशन से होकर रोजाना सैकड़ों यात्री व मालवाहक ट्रेनों का परिचालन किया जाता है। इससे रेलवे को अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद यहाँ के यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है।
* फुट ओवरब्रिज की समस्या:*
महालिमोरूप रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर फुट ओवरब्रिज नहीं होने के कारण यात्रियों को मालगाड़ियों के नीचे से पटरी पार करनी पड़ती है। स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था अधूरी है। प्लेटफार्म संख्या 1, 2 और 3 पर फुट ओवरब्रिज है, परन्तु प्लेटफॉर्म संख्या 4 से 7 तथा 8 नंबर रेल लाइन को पार करने के लिए फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था ही नहीं है। इन पटरियों पर घंटों मालगाड़ी खड़ी कर दी जाती है। ऐसी परिस्थिति में मजबूरन यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रेन के नीचे से आर-पार होते हैं। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
फ्लाई ओवर ब्रिज की मांग
हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग होने से अप और डाउन दोनों दिशाओं में लगातार ट्रेनों की आवाजाही से स्टेशन के नजदीक मुरुप रेलवे फाटक बंद रहता है। ऐसे में फाटक के दोनों ओर बसे दर्जन गाँवों के लोगों को रेलवे फाटक बंद होने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस फाटक का लॉक स्टेशन मास्टर से कॉंट्रोल होने से गेटमेन इमरजेंसी में भी बंद फाटक को नहीं खोल सकता है। ऐसी परिस्थिति में खासकर मरीजों और स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी होती है। अतः यहाँ रोड ओवर ब्रिज का निर्माण अति आवश्यक है। इसके अलावे
यात्रियों को यातायात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
*ट्रेनों का ठहराव* पैसेंजर ट्रेनों के अलावे एक भी महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव यहाँ नहीं दिया गया है।
*डिजितल डिस्प्ले बोर्ड* पैसेंजर ट्रेनों की आवागमन समय सारणी डिस्प्ले नहीं होने से यात्रियों को दिक्कत होती है।
*शेड एवं बैठने की व्यवस्था:* प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए पर्याप्त शेड और बेंच की व्यवस्था नहीं है। धूप-बारिश में यात्री परेशान होते हैं।
*पेयजल एवं शौचालय:* स्वच्छ पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है।
*प्रकाश व्यवस्था:* रात के समय प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहती है।
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