गम्हरिया के रामकृष्णा फोर्जिंग प्लांट-5 गेट पर 19 जमीनदाताओं का अनिश्चितकालीन धरना, विधायक भी समर्थन में बैठे, कंपनी प्रबंधन पर वादा खिलाफी का आरोप,
Gamharia
गम्हरिया प्रखंड के बीरबांस पंचायत अंतर्गत बालीगुमा स्थित रामकृष्णा फोर्जिंग लिमिटेड (प्लांट-5) के मुख्य गेट पर गुरुवार से 19 जमीनदाताओं ने स्थायी नियोजन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जमीनदाताओं का आरोप है कि वर्ष 2008 में कंपनी द्वारा लगभग 40 लोगों को स्थायी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। इनमें से 21 लोगों को नियोजन मिल चुका है, जबकि शेष 19 लोग अब तक वंचित हैं। धरनारत जमीनदाताओं ने बताया कि 22 जनवरी 2026 को इस संबंध में श्रम अधीक्षक सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सरायकेला खरसावां को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक स्तर पर पहल नहीं होने से आक्रोशित होकर उन्होंने कंपनी गेट के समीप धरना प्रारंभ किया।

धरना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक दशरथ गागराई मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठ गए। उनके साथ प्रतिनिधि मांगी लाल महतो, प्रखंड भाग-दो अध्यक्ष प्रकाश महतो, शैलेन्द्र महतो सहित झामुमो के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विधायक ने कंपनी प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक जमीनदाताओं को स्थायी नियोजन नहीं मिलता, वे भी धरना स्थल पर डटे रहेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि पूर्व में प्रशासन को सूचना दी गई थी, इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा जानकारी नहीं होने की बात कहना गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जब तक मौके पर पहुंचकर ठोस समाधान नहीं करता और जमीनदाताओं की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, कंपनी के अधिकारी शक्ति पद सेनापति ने कहा कि प्रबंधन को धरना की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि कंपनी मजदूरों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने को तैयार है और सामाजिक दायित्व के तहत स्थानीय युवाओं की तकनीकी शिक्षा में भी सहयोग करती रही है। हालांकि, गेट पर धरना के कारण उत्पादन कार्य प्रभावित हो रहा है।
फिलहाल धरना जारी है और प्रशासन की पहल का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खरसावांः फोटो संख्या 4 गम्हरिया के रामकृष्णा फोर्जिंग प्लांट पर विधायक के साथ अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे जमीनदाता।
