*ऐतिहासिक सफलता के साथ स्वदेश लौटी भारतीय पैरा तीरंदाजी टीम का अर्जुन मुंडा ने किया स्वागत*
*3 स्वर्ण और 3 रजत सहित 6 पदक जीतकर भारत ने बनाया एक संस्करण में सर्वाधिक तीरंदाजी स्वर्ण पदकों का रिकॉर्ड*
Delhi
नई दिल्ली: जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर स्वदेश लौटी भारतीय पैरा तीरंदाजी टीम का आज भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष श्री अर्जुन मुंडा ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत किया। उन्होंने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और भारतीय पैरा तीरंदाजी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की सराहना की।
भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में 3 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 6 पदक हासिल किए। यह एशियाई पैरा खेलों के किसी एक संस्करण में तीरंदाजी में भारत की अब तक की सर्वाधिक स्वर्ण पदक जीत है। इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पैरा तीरंदाजों की क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक मजबूती को रेखांकित किया है।
इस अभियान में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज कीं। पैरा रिकर्व पुरुष टीम ने पहली बार स्वर्ण पदक जीता। वहीं, पैरा रिकर्व महिला टीम और W1 महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारत ने पहली बार पदक हासिल किए। विभिन्न स्पर्धाओं में मिली ये सफलताएँ भारतीय पैरा तीरंदाजी के बढ़ते दायरे और खिलाड़ियों की निरंतर प्रगति का प्रमाण हैं।
श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि खिलाड़ियों की यह सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ऐसा प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करता है और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आत्मविश्वास देता है।
भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए श्री मुंडा ने भारतीय तीरंदाजी को विश्व पटल पर और अधिक सशक्त स्थान दिलाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने 2028 पैरालंपिक में बेहतर प्रदर्शन के लिए अभी से योजनाबद्ध तैयारी, निरंतर अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस सफलता से मिले आत्मविश्वास को आगे की तैयारियों में बदलना आवश्यक है, ताकि भारतीय खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर परिणाम हासिल कर सकें।
श्री मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने हाल में खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री के संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।
भारतीय पैरा तीरंदाजी टीम की यह उपलब्धि पदकों के साथ-साथ दृढ़ इच्छाशक्ति, धैर्य और निरंतर परिश्रम की भी सफलता है। श्री मुंडा ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव और बढ़ाएँगे।
