उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका एवं रोजगार सृजन से संबंधित योजनाओं की समीक्षा…*
*स्थानीय युवाओं को उनकी रुचि एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सकारात्मक पहल करने के दिए गए निर्देश…*
Seraikella
समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में आज कौशल विकास, आजीविका, रोजगार सृजन तथा नाबार्ड से संबंधित योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में आरसेटी एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान निर्धारित रोस्टर एवं लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों को उनकी रुचि, योग्यता एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने हेतु आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के अधिक से अधिक युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षित युवाओं का स्थानीय औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संस्थानों एवं संबंधित क्षेत्रों में नियोजन सुनिश्चित करने की दिशा में विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए युवाओं तथा किसानों के अन्य राज्यों की ओर पलायन को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इसके लिए पलायन करने वाले युवाओं को चिह्नित कर उन्हें औद्योगिक प्रतिष्ठानों में नियोजन तथा कृषि, पशुपालन, बागवानी एवं अन्य संबद्ध क्षेत्रों में उन्नत तकनीक आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे स्थानीय स्तर पर स्थायी आय का साधन विकसित कर सकें।
*प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर…*
उप विकास आयुक्त ने आरसेटी एवं कौशल विकास केंद्र सहित विभिन्न माध्यमों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों का नियमित फॉलोअप करने का निर्देश दिया। संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को स्वरोजगार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, बैंक ऋण तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने तथा आवेदनों की स्वीकृति दर में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैंकों में लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग एवं बैंक के बीच समन्वय स्थापित कर उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। पीएमएफएमई के अंतर्गत अस्वीकृत आवेदनों के कारणों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा पात्र लाभुकों को योजना से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
*रोजगार मेला एवं भर्ती कैंप के माध्यम से युवाओं को उपलब्ध कराएं रोजगार के अवसर…*
उप विकास आयुक्त ने श्रम, नियोजन एवं संबंधित विभागों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से भर्ती कैंप एवं रोजगार मेला आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती कैंप की जानकारी स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से प्रचारित की जाए तथा स्थानीय भाषा में भी इसका प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय युवा इन अवसरों की जानकारी प्राप्त कर रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।
उन्होंने नियोजक संस्थानों से समन्वय स्थापित कर जिले के युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों की नियमित जानकारी संकलित करने तथा प्रशिक्षण एवं नियोजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
*योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश…*
उप विकास आयुक्त ने श्रम एवं नियोजन, उद्योग, आरसेटी, जेएसएलपीएस सहित संबंधित विभागों को अपनी-अपनी योजनाओं एवं गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अंतिम पायदान तक पहुंचाने के लिए पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं तथा पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नाबार्ड से संबंधित गतिविधियों, ग्रामीण आजीविका, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना होना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव एवं नियोजन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए परिणाम आधारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य किया जाए।
बैठक में श्रम अधीक्षक श्री अविनाश ठाकुर, नियोजन पदाधिकारी, आदित्यपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
