सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा 1.50 लाख तक नकदरहित इलाज
पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक उपचार का प्रावधान, डीटीओ ने दी जानकारी
Chaibasa
चाईबासा। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल और नकदरहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री–सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना (पीएम राहत) लागू की गई है। योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक प्रति पीड़ित 1.50 लाख रुपये तक का नकदरहित उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
पश्चिमी सिंहभूम के जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन से हुई दुर्घटना में पात्र पीड़ित को योजना का लाभ दिया जा सकता है। उपचार के लिए पीड़ित या उसके परिजनों को तत्काल पैसे की व्यवस्था नहीं करनी होगी। योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय में इलाज उपलब्ध कराकर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल स्थिरीकरण उपचार मिलना जरूरी है, ताकि इलाज में देरी के कारण उसकी जान पर संकट न आए। इसके लिए पुलिस, अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
ई-डार पर दर्ज होगी दुर्घटना की जानकारी
डीटीओ ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना प्रतिवेदन (ई-डार) पर दुर्घटना एवं पीड़ित से संबंधित आवश्यक जानकारी समयबद्ध तरीके से दर्ज की जानी है। ई-डार के माध्यम से दुर्घटना की सूचना, पीड़ित की पहचान, पुलिस प्रमाणीकरण और अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि योजना की सबसे बड़ी प्राथमिकता दुर्घटना के बाद स्वर्णिम समय में इलाज उपलब्ध कराना है। हादसे के बाद पहला एक घंटा घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में आम लोगों को दुर्घटना पीड़ित को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और उसे जल्द से जल्द नजदीकी सक्षम अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करना चाहिए।
डीटीओ ने संबंधित पदाधिकारियों एवं अस्पताल प्रबंधन से पीएम राहत योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र पीड़ितों को बिना अनावश्यक विलंब योजना का लाभ उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने आम लोगों से दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 112 आपातकालीन सेवा से संपर्क करने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि पीएम राहत योजना केवल उपचार की व्यवस्था नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना के पात्र पीड़ितों को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य संस्थानों और आम नागरिकों के सामूहिक सहयोग करने की अपील की।
