*कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा…*
*विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, पात्र किसानों को योजनाओं से जोड़ने, लंबित लाभुकों को शीघ्र लाभ प्रदान करने एवं सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश…*
Seraikella
आज समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पूर्व बैठक के निर्देशों के आलोक में की गई प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र किसान अथवा लाभुक किसी भी जनकल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभुकों की पहचान, योजना से जोड़ने एवं लाभ का वास्तविक रूप से हस्तांतरण सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पंचायत एवं ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर पात्र किसानों को योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए विभागीय पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण एवं नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता दें। साथ ही किसानों को कृषि ऋण, बीमा, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्र, सिंचाई सुविधा, पशुधन एवं अन्य कृषि-सम्बद्ध योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास, भूमि संरक्षण एवं सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पंजीकरण, मुख्यमंत्री कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत शेष लाभुकों का e-KYC, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, डीप बोरिंग एवं तालाब जीर्णोद्धार, कृषि सहायक उपकरणों का वितरण, पशुधन विकास योजनाओं का लाभ, फसल बीमा योजनाओं में पात्र किसानों का आच्छादन तथा अन्य कृषि-सम्बद्ध योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसी योजनाएं, जिनमें लाभुकों के चयन एवं आवेदन संबंधी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उनमें पात्र किसानों एवं लाभुकों को योजना का लाभ प्रदान करने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। कृषि एवं सम्बद्ध सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चयनित लाभुकों को कृषि उपकरण, पशुधन, बीज, सिंचाई सुविधा सहित अन्य स्वीकृत योजनाओं का लाभ यथाशीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिन लाभुकों का योजना के तहत चयन पूर्ण हो चुका है, उन्हें लंबित न रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शीघ्र लाभान्वित किया जाए तथा इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत संबंधित क्षेत्र की लैंप्स/सहकारी समितियों में किसानों एवं सदस्यों की संख्या बढ़ाने हेतु पंचायत एवं ग्राम स्तर पर अभियान संचालित करने तथा किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि लैंप्स समितियों में युवाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा युवाओं की आय में वृद्धि के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाए। इसके लिए लैंप्स समितियों के माध्यम से प्रज्ञा केंद्र संचालन, ऑनलाइन कार्यों एवं अन्य जनोपयोगी डिजिटल सेवाओं जैसी सुविधाएं प्रारंभ करने की संभावनाओं का आकलन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लैंप्स समितियों की सक्रियता बढ़ाते हुए किसानों को कृषि ऋण, बीज, उर्वरक, धान अधिप्राप्ति सहित अन्य उपलब्ध सहकारी सुविधाओं का समुचित लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई न हो तथा आवेदन, पंजीकरण, e-KYC एवं अन्य प्रक्रियाओं के निष्पादन में विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा एवं क्षेत्रीय स्तर पर अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा किसानों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं से प्रभावी रूप से जोड़ना है। इस दिशा में सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र लाभुक तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, जिससे निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, DPM JSLPS एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
