खरसावां के कृष्णापुर स्कूल में धूमधाम से मना हिंदी
दिवस, बच्चों ने प्रतियोगिताओं में दिखाया हुनर श्रुतिलेख में मौसमी
महतो प्रथम, तनिष्क सिंह देव द्वितीय व देव प्रधान तृतीय,
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खरसावां के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कृष्णापुर के प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान हिंदी दिवस समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। 13 सितंबर को रविवार और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का अवकाश होने के कारण विद्यालय में हिंदी दिवस कार्यक्रम दो दिन पूर्व ही आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी समझ, ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

समारोह के मुख्य वक्ता एवं हिंदी शिक्षक विश्वजीत कुमार सतपथी ने हिंदी दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने अनुच्छेद 343 (1) के तहत देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकृति दी थी। उन्होंने हिंदी की वैश्विक पहुंच और बढ़ती स्वीकार्यता की जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल साहित्य और संवाद की भाषा ही नहीं, बल्कि रोजगार और करियर के क्षेत्र में भी तेजी से अवसर उपलब्ध करा रही है। शिक्षा, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया, अनुवाद, प्रकाशन, मनोरंजन, कॉर्पाेरेट और तकनीकी क्षेत्र में हिंदी विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है। विद्यार्थियों से सार्वजनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा अपनी भाषा पर गर्व करने का संकल्प लेने की अपील की। इस अवसर पर छात्र देव प्रधान ने हिंदी को देश की प्रमुख संपर्क भाषाओं में से एक बताते हुए अपने विचार रखे। छात्रा मौसमी महतो ने भी हिंदी भाषा के महत्व पर सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र सदानंद नायक ने हिंदी दिवस आधारित क्विज का संचालन किया। इसके बाद कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थियों के बीच शुद्ध वर्तनी एवं भाषा दक्षता परखने के लिए श्रुतिलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में कक्षा 10 की मौसमी महतो ने प्रथम, कक्षा 10 के तनिष्क सिंह देव ने द्वितीय तथा कक्षा 8 के देव प्रधान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मौजूदा सत्र की दूसरी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) के दौरान उपस्थित अभिभावकों के हाथों सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार, नूतन रानी, महादेव मुंडा, प्रभा कुमारी, योगेंद्र महतो, गीता महतो, अमरीश पुरती, सुभाष चंद्र तांती सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
