कुचाई के धुनाडीह जर्जर स्कूल में पढ़ रहे 70 बच्चे, 15 दिन में कार्रवाई नहीं तो जड़ेंगे ताला, धुनाडीह प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सुरक्षित भवन की मांग,
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कुचाई प्रखंड की रूगुडीह पंचायत के धुनाडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पांच दशक से अधिक पुराने इस विद्यालय भवन में करीब 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। भवन की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को तिरपाल के सहारे अथवा खुले स्थान पर पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
विद्यालय की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा की अध्यक्षता में ग्रामीणों और अभिभावकों की बैठक हुई। बैठक में भवन की स्थिति पर चिंता जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय की दीवारों में जगह-जगह बड़ी दरारें पड़ गई हैं। छत और भवन के कई हिस्से भी जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में कभी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई पहल
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार दी गई है। लिखित आवेदन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक नए भवन के निर्माण अथवा बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को जर्जर भवन में भेजना जोखिम से खाली नहीं है। विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए।

15 दिनों का अल्टीमेटम
बैठक में ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया। इस अवधि में विद्यालय भवन के निर्माण या बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे। ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़कर बच्चों को विद्यालय नहीं भेजने तथा सरायकेला उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल में शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।
1971 में हुई थी विद्यालय की स्थापना
ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय धुनाडीह की स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी। यहां कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई संचालित होती है और वर्तमान में करीब 70 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पुराने भवन की लगातार खराब होती स्थिति के बावजूद पढ़ाई जारी रहने से अभिभावकों में नाराजगी है।
बैठक में ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा, वार्ड सदस्य सरवाला मुंडा, शिक्षक जगमोहन जामुदा, मधुसूदन मुंडा, इंद्रजीत मुंडा, हरिश्चंद्र नाग, गुरुचरण मुंडा, सुखलाल मुंडा, सुकुर मुंडा, दिगी मुंडा, आसामनी मुंडा, सुकरा लोहार, जितेंद्र मुंडा, बलदेव मुंडा, इंद्रदेव मुंडा, राम सिंह मुंडा, गुरुदयाल मुंडा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक मौजूद थे।
