कोल्हान के रेलवे स्टेशनों पर ‘हो’ भाषा में नामपट्ट व उद्घोषणा की मांग-विधायक जगत माझी के नेतृत्व में आदिवासी हो समाज महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
Chakradharpur
चक्रधरपुर: कोल्हान क्षेत्र में ‘हो’ भाषा एवं वारंग क्षिति लिपि के संरक्षण, संवर्धन और सार्वजनिक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की मांग को लेकर मनोहरपुर के विधायक जगत माझी के नेतृत्व में आदिवासी हो समाज महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे स्टेशनों पर हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ ‘हो’ भाषा की वारंग क्षिति लिपि में स्टेशन के नाम अंकित करने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए ‘हो’ भाषा में रेलवे उद्घोषणाएं शुरू करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में कहा कि विगत वर्ष ‘हो’ भाषा एवं वारंग क्षिति लिपि के संरक्षण, संवर्धन एवं सार्वजनिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन को मांग पत्र सौंपा गया था। इसमें घाघरा रेलवे स्टेशन पर हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ ‘हो’ भाषा की वारंग क्षिति लिपि में स्टेशन का नाम अंकित करने की मांग प्रमुखता से रखी गई थी।
रेल प्रशासन द्वारा इस मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए वर्तमान में घाघरा रेलवे स्टेशन पर हिंदी, अंग्रेजी एवं ‘हो’ भाषा में नामपट्ट अंकित किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल का स्वागत करते हुए मंडल रेल प्रबंधक एवं चक्रधरपुर रेल प्रशासन के प्रति आदिवासी ‘हो’ समाज तथा स्थानीय क्षेत्रवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि घाघरा स्टेशन पर ‘हो’ भाषा में नामपट्ट लगाए जाने से स्थानीय लोगों में खुशी है। यह पहल न केवल क्षेत्र की भाषाई पहचान को सम्मान देती है, बल्कि ‘हो’ भाषा एवं वारंग क्षिति लिपि के सार्वजनिक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। प्रतिनिधिमंडल ने इसी क्रम में कोल्हान क्षेत्र के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ ‘हो’ भाषा की वारंग क्षिति लिपि में स्टेशन नामपट्ट अंकित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कोल्हान क्षेत्र में बड़ी संख्या में ‘हो’ भाषी लोग निवास करते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय भाषा को स्थान मिलने से क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं भाषाई पहचान को सम्मान मिलेगा। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ ‘हो’ भाषा में भी रेलवे की उद्घोषणाएं शुरू करने का अनुरोध किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्थानीय भाषा में ट्रेन के आगमन, प्रस्थान, प्लेटफॉर्म परिवर्तन एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की उद्घोषणा होने से यात्रियों को जानकारी समझने में और अधिक सुविधा होगी। प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से दोनों मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। डीआरएम को ज्ञापन सौंपने वालों में आदिवासी हो समाज महासभा के संगठन सचिव सुभाष बारी, मनोज कुमार सोय, पातोर जोंको, जिला परिषद सदस्य ज्योति मेराल, राजश्री संवैया, सुहागी मुर्मू, दोराई हांसदा, श्रीराम सामड, जीवन बांकिरा, अपूर्व आल्डा, मथुरा गागराई, इंद्रजीत सामाड समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र से बड़ी संख्या में हो समाज के लोग शामिल रहे।
