खरसावां में प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा का वर्णन
नृत्य नाटिका, गीत नाट्य, रथ पथ नाटक, और सम्बलपुर नृत्य
के माध्यम कर रथ यात्रा उत्सव को बनाया यादगार,
kharsawan खरसावां के काली मंदिर प्रागण में प्रभु जगन्नाथ के रथयात्रा के अवसर पर शिल्पी एंटरटेनमेंट पूरी ओडिशा के टीम के कलाकारों के द्वारा प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा का वर्णन नृत्य नाटिका, गीत नाट्य, रथ पथ नाटक, और सम्बलपुर नृत्य के माध्यम से किया। शिल्पी एंटरटेनमेंट पूरी ओडिशा के टीम के कलाकार-सुरजीत महापात्रा, सिल्पी सुकन्या, प्रियंका महापात्रा, पूजा माला, प्रीतिसुधा नायक, मोनालिसा दा, विशाल नायक, सिमरन सामंतराय, प्रीति बेहरा, रूद्र बेहरा तथा अर्पिता दास ने अपनी कला के माध्यम से बताया कि रथ यात्रा, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की वार्षिक यात्रा है। जो पुरी, ओडिशा के तर्ज पर खरसावां में भी होता है।

इस यात्रा में, देवताओं को तीन अलग-अलग रथों पर मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाते है। कलाकारो ने नृत्य नाटिका के माध्यम से रथ यात्रा के दौरान, विभिन्न नृत्य प्रदर्शन होते हैं, जिनमें जगन्नाथ संस्कृति और पौराणिक कथाओं को दर्शाया है। जबकि गीत नाट्य में रथ यात्रा के दौरान, भक्त पारंपरिक गीत गाते हैं और जगन्नाथ की महिमा का गुणगान करते हैं। वही रथ पथ नाटक में रथ यात्रा के मार्ग पर, विभिन्न नाट्य प्रदर्शन होते हैं, जो जगन्नाथ की लीलाओं और कथाओं को दर्शाते हैं।

इसके अलावे सम्बलपुरी नृत्य के माध्यम से रथ यात्रा में, सम्बलपुरी नृत्य भी किया जाता है, जो ओडिशा का एक लोकप्रिय लोक नृत्य है। यह नृत्य रथ यात्रा के उत्सव में उत्साह और उमंग भर देता है। जबकि रथ यात्रा का महत्व पर कलाकारो ने अपनी कला के माध्यम से बताया कि रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार भगवान जगन्नाथ के भक्तों से मिलने की इच्छा को दर्शाता है। यह त्योहार सभी जाति और धर्म के लोगों को एक साथ लाता है, और भगवान के प्रति भक्ति और प्रेम को दर्शाता है। रथ यात्रा के दौरान, भक्त भगवान के रथ को खींचते हैं और उनके दर्शन करते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से नंदू कुमार पाण्डेय, विप्लव कुमार पाणी, सुमन साथूआ, जगन्नाथ महतो, सपन मालाकार, शिवो नायक, अजीत कुंभकार, पंकज महतो, बैद्यनाथ मालाकार, बाबलू मोदक, जीतबाहन मंडल सहित सैकड़ों की संख्या श्रद्वालुओं ने रथ यात्रा के संस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।
