सीएसबी-केन्द्रीय तसर अनुसंधान के निदेशक एवं अनुसंधान सलाहकार समिति के चेयरमैन ने चक्रधरपुर, चाईबासा का किया दौरा,अनुसंधान को कृषकों तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण कार्य,
Chaibasa सीएसबी-केन्द्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नगडी रांची के निर्देशक डा एन बी चौधरी एवं अनुसंधान सलाहकार समिति के चेयरमैन सुभाष चंदर ने रविवार को पी 4 प्रजनन केंद्र चक्रधरपुर, अग्र परियोजना केंद्र चाईबासा एवं तसर कच्चा मॉल बैंक चाईबासा का दौरा कर विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया एवं तसर कृषकों के साथ संवाद किया। अनुसंधान सलाहकार समिति अध्यक्ष के डॉ. सुभाष चन्दर, राष्ट्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक के द्वारा प्रक्षेत्र में की जा रही तसर रेशम उद्योग की गतिविधियों की प्रशंशा की गई। पी 4 चक्रधरपुर में आयोजित बैठक के आरम्भ में वरिष्ट तकनीकी सहायक तापस कुमार घोष ने तसर से किसानों के जीवन में उल्लेखनीय पॉजिटिव परिवर्तन के बारे में बताया। निदेशक डॉ. एन.बी. चौधरी ने तसर नेस्टेड यूनिट द्वारा तकनीकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने अवगत कराया कि यूनिट द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रयास किए गए हैं। इनके प्रयास से प्रक्षेत्र में नई तकनीकी अपनाया जा रहा है। इस अवसर पर पी4 केंद्र के माध्यम से इसे आगे बढ़ाने पर परिचर्चा की। प्रक्षेत्र में तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश प्रदान किया। निदेशक ने आरएमबी चाईबासा के प्रगति की समीक्षा भी किया एवं अरविंद मुंडा ने केंद्र की गतिविधि के बारे में बताया। डॉ. सुभाष चन्दर ने कहा कि अनुसंधान को कृषकों तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण कार्य है । अनुसंधान का उद्देश्य तसर उद्योग में सामना की जा रही समस्याओं के समाधान पर केन्द्रित है तथा हमारा लक्ष्य तसर कृषकों की आय बढ़ाने का है । आज एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने तथा जलवायु परिवर्तन को देखते हुए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि नई तकनीक अपनाकर तसर रेशम का उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में हमें अपना महत्वपूर्ण योगदान देना है। जलवायु परिवर्तन का तसर उत्पादन पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है। इस अवसर पर चेयरमैन ने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि तसर रेशम कृषकों के उत्थान के लिए ऐसी अनुसंधान परियोजनाएं प्रतिपादित की जाएं। जिनके परिणाम से वे लाभान्वित हो सकें। इस भ्रमण के दौरान संस्थान के वैज्ञानिक डा. जयप्रकाश पाण्डेय एवं अरविंद मुंडा एसटीए ने विभिन्न स्थानों के कोसों ने नमूने बीमारी जांच हेतु एकत्रित किया। वही सीएसबी सीटीआरटीआई रांची के निदेशक ने डा. एन.बी. चौधरी, निदेशक ने सामूहिक प्रयास से आगे बढ़ने हेतु विचार व्यक्त किया।
September 6, 2026 4: 19 pm
Breaking
- मनोहरपुर में 5 सितंबर को टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ,-सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी दिखाएंगे हरी झंडी
- खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में आरएचडब्ल्यूई के दस दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण अनुभव से उद्योग तक विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण,
- खरसावां पहुंची भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा, युवाओं को नौकरी उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, पैसे के बल पर नहीं-देवेंद्र महतो
- खरसावां-कुचाई में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आस्था व उल्लास के साथ मना, श्रद्वालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों की पूजा-अर्चना, सुख-शांति व समृद्वि की कामना
- कुचाई के गोपीडीह में महिलाओं और युवाओं ने सीखा पेब्रिन रोग की जांच का हुनर, मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के तहत प्रशिक्षण, 35 किसानों ने माइक्रोस्कोप से किया रोग के बीजाणुओं की पहचान,
- बांकसाई गढ़ में वार्षिक जांताल पूजा 15 को
- भगवान श्रीकृष्ण गौड़ समाज के कुलदेवता है-शम्भुनाथ
- जिले की पुलिसिंग को मिली रफ्तार, बेड़े में शामिल हुईं 19 नई बोलेरो अब 38 बोलेरो और 26 बाइक से होगी पेट्रोलिंग, एसपी ने खुद स्टेयरिंग संभालकर किया गश्त का निरीक्षण
