खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में आरएचडब्ल्यूई के दस
दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण अनुभव से
उद्योग तक विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण,
khutpani
खूंटपानी उद्यान महाविद्यालय में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के अंतर्गत आईसीएआर स्टूडेंट रेडी कार्यक्रम के तहत ग्रामीण बागवानी कार्य अनुभव (आरएचडब्ल्यूई) के दस दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को ग्रामीण एवं औद्योगिक परिवेश के व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है। इसके माध्यम से विद्यार्थी कृषक समुदाय के बीच रहकर कृषि एवं उद्यानिकी की वास्तविक परिस्थितियों को समझेंगे तथा आगे सात विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, पश्चिमी सिंहभूम के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. हेमंत कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को पशुपालन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, उचित देखभाल और रोगों से बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पशु टीकाकरण को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समय पर टीकाकरण पशुओं को गंभीर एवं संक्रामक रोगों से बचाने के साथ पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि एवं उद्यानिकी के साथ पशुपालन को जोड़कर एकीकृत कृषि प्रणाली की संभावनाओं को समझने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि आरएचडब्ल्यूई कार्यक्रम विद्यार्थियों के सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है। ग्रामीण समुदाय और उद्योग जगत से मिलने वाला अनुभव विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और उद्यमशीलता की भावना विकसित करेगा। आईसीएआर स्टूडेंट रेडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं कृषि प्रसार शिक्षा के सहायक प्राध्यापक-सह-कनीय वैज्ञानिक डॉ. अविनाश कुमार झा ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्र रेडी कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर वास्तविक परिस्थितियों में सीखने और समस्याओं का समाधान खोजने का अवसर देता है। उन्होंने बताया कि आरएचडब्ल्यूई के दौरान विद्यार्थी कृषक समुदाय से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। इसके बाद सात विभिन्न उद्योगों में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां विद्यार्थी उत्पादन एवं प्रसंस्करण, गुणवत्ता प्रबंधन, विपणन तथा रोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं को करीब से समझ सकेंगे। ग्रामीण अनुभव और औद्योगिक प्रशिक्षण का यह समन्वय विद्यार्थियों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन वर्ष 2023-24 बैच की छात्रा नेहा कुमारी ने किया। समारोह के अंत में डॉ. सुरभि सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, महाविद्यालय के अधिष्ठाता, नोडल अधिकारी, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया। महाविद्यालय के अनुसार, दस दिवसीय यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, कृषक समुदाय और कृषि उद्यानिकी की जमीनी हकीकत से जोड़ने के साथ उन्हें रोजगारोन्मुखी एवं उद्यमशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
