खरसावां में श्रद्धा से मनाया गया शहीद निर्मल महतो का 39वां शहादत दिवस, कुड़माली विषय में मैट्रिक-इंटर पास विद्यार्थियों को किया सम्मानित,
Kharsawan
खरसावां के चांदनी चौक स्थित वीर शहीद निर्मल महतो भवन में शनिवार को वीर शहीद निर्मल महतो का 39वां शहादत दिवस श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में किसान, बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राएं, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शहीद निर्मल महतो के विचारों, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद निर्मल महतो के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। मौके पर शिक्षक गुणधाम मुतरुआर ने कहा कि शहीद निर्मल महतो का सपना केवल झारखंड का नक्शा बदलना नहीं था, बल्कि राज्य के भीतर सत्ता और विकास की दिशा बदलना भी था। उन्होंने कहा कि शहादत दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि वर्तमान से सवाल करने और भविष्य की दिशा तय करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि निर्मल महतो का नाम केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह व्यापक झारखंड अलग राज्य आंदोलन का प्रतीक हैं। जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा झारखंडी मूल्यों के संरक्षण के लिए संघर्ष उनकी पहचान रही। उन्होंने गरीब, शोषित, पीड़ित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान कुड़माली विषय लेकर मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को कुड़माली कैलेंडर, कुड़माली पत्रिका ‘नउआ बिहान’ और स्टील पात्र देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने में पंकज कुमार महतो, महेश्वर महतो, गदाधर महतो, शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर, दुर्गा चरण महतो, संतोष महतो, बबलू महतो, दीपक कुमार महतो, राजाराम महतो, महावीर महतो, विक्रम महतो, शिवानंद महतो सहित छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की सक्रिय भूमिका रही।
