झारखंड में तसर उद्योग को मिलेगा स्पेशल पैकेज?
सरकार से उठाई मांग, तीन वर्षों में तसर उत्पादन में भारी कमी,
जताई चिंता, बंद पडे रेशम केंद्रों को शुरू करने की मांग,
kharsawan
झारखंड में पिछले तीन वर्षों से तसर उत्पादन में लगातार आ रही कमी और तसर उद्योग से जुडे रोजगार पर पड रहे असर को लेकर खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने राज्य सरकार से तसर उद्योग के लिए स्पेशल पैकेज देने की मांग की है। विधायक ने 10 अगस्त को विधानसभा में उद्योग विभाग से संबंधित तारांकित प्रश्न के माध्यम से यह मामला उठाया। विधायक ने सरकार से पूछा कि राज्य में पिछले तीन वर्षों में तसर उत्पादन में भारी कमी आई है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि तसर उद्योग से जुडे अधिकांश सामान्य सिल्क केंद्र बंद हो गए हैं, जबकि ये केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन के प्रमुख माध्यम रहे हैं। ऐसे में तसर उद्योग को बढावा देने के लिए सरकार की ओर से विशेष पैकेज की व्यवस्था की जानी चाहिए।

तसर उत्पादन में गिरावट पर सरकार से जवाब मांगा
विधायक की ओर से उठाए गए सवाल में तसर उत्पादन में कमी के कारणों तथा उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार की कार्ययोजना की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया। उन्होंने तसर से जुडे किसानों, कारीगरों और ग्रामीण रोजगार को देखते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की। विधानसभा के दस्तावेज में इस मामले को ‘स्पेशल पैकेज’ विषय के तहत उद्योग विभाग से संबंधित बताया गया है। प्रश्न में उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव से जवाब मांगा गया है।
बंद सिल्क केंद्रों के संचालन की मांग
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि तसर उद्योग झारखंड के ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुडे लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। तसर उत्पादन में गिरावट और सिल्क केंद्रों के बंद होने से बडी संख्या में लोगों की आय प्रभावित हो रही है। ऐसे में बंद पडे केंद्रों को दोबारा संचालित करने के साथ-साथ उत्पादन बढाने के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत है।
विधायक की मांग
तसर उद्योग के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था करे, बंद पडे सामान्य सिल्क केंद्रों को पुनः शुरू करने, तसर उत्पादन बढाने के लिए प्रभावी योजना तैयार करने, तसर से जुडे लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढाने, उद्योग को आर्थिक एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।
