काला बिल्ला लगाकर विरोध जता रहे अनुसचिवीय कर्मचारी, 17 अक्टूबर तक चलेगा आंदोलन
ट्रैप मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के पालन की मांग, सरकारी कामकाज बाधित नहीं करने का निर्णय
Seraikella
सरायकेला। झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के अनुसचिवीय कर्मचारी 12 से 17 अक्टूबर तक काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में नियमित सरकारी कार्यों का निष्पादन करते हुए काला बिल्ला धारण कर विरोध जता रहे हैं।
संघ का कहना है कि उसका विरोध भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नहीं है, बल्कि ट्रैप से संबंधित मामलों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए है। संघ ने मांग की है कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, उपलब्ध साक्ष्यों और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाए। केवल संदेह, अस्पष्ट आरोप या दुर्भावनापूर्ण शिकायत के आधार पर किसी कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
संघ ने सरकारी कर्मचारियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की रक्षा करने, सेवा नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने तथा वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कदम उठाने पर जोर दिया है। उसका मानना है कि किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
विरोध कार्यक्रम के दौरान संघ ने सभी जिला इकाइयों को सरकारी कामकाज बाधित नहीं होने देने का निर्देश दिया है। इसी के तहत कर्मचारी अपने नियमित दायित्वों का निर्वहन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट किया है कि इस सांकेतिक आंदोलन का उद्देश्य भ्रष्टाचार के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत करना है। 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से संघ अपनी मांगों की ओर सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता है।
