मैट्रिक-इंटर में बेहतर परिणाम के लिए अभी से जुटें स्कूल : उपायुक्त
पाठ्यक्रम शीघ्र पूरा कराने, कमजोर छात्रों के लिए रेमेडियल कक्षा और प्री-बोर्ड की तैयारी का निर्देश
Chaibasa
चाईबासा। मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 में पश्चिमी सिंहभूम जिले का बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने को लेकर बुधवार को कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित पोटो हो सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार समेत विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक शामिल हुए।

उपायुक्त ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए अंतिम समय की तैयारी पर निर्भर रहने के बजाय अभी से योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। उन्होंने सभी विद्यालयों को पाठ्यक्रम जल्द पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों से नियमित रूप से वस्तुनिष्ठ एवं वर्णनात्मक प्रश्नों का अभ्यास कराने का निर्देश दिया। कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए रेमेडियल कक्षाएं चलाने तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी विशेष कक्षाएं संचालित करने को कहा गया।
बैठक में डीएमएफटी ट्यूटर को नियमित एवं प्रभावी कक्षाएं संचालित करने तथा बीएड प्रशिक्षुओं की शैक्षणिक सेवाएं लेने का निर्देश दिया गया। प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी भी अभी से शुरू कराने को कहा गया। जनवरी 2027 में प्रस्तावित प्री-बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की तैयारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों पर नजर
उपायुक्त ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति को परीक्षा परिणाम का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए आगामी 12 अक्टूबर को होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया। विद्यालयों को उपस्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
स्कूलों में सुविधाएं दुरुस्त करने का निर्देश
विद्यालयों में पंखा, रंग-रोगन, बेंच-डेस्क, पेयजल समेत आवश्यक आधारभूत सुविधाएं दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। करीब 100 विद्यार्थियों पर एक पेयजल इकाई की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। जर्जर एवं ध्वस्त भवनों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि प्रशासन स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में परख/ओलंपियाड परीक्षा तथा दिवाली से पहले प्रथम सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी की भी समीक्षा की गई। आगामी 24 अक्टूबर को होने वाले रक्तदान शिविर में विद्यालयों और शिक्षकों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के विभिन्न इंडिकेटर्स में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, निरंतर अभ्यास और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान जरूरी है। बैठक में तय किया गया कि दिए गए निर्देशों के अनुपालन और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की करीब तीन सप्ताह बाद पुनः समीक्षा की जाएगी।
