कुचाई के बयांग मे भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर जल संकट पर हुई चर्चा, तैयार किया गया जल संसाधन मानचित्र, बिरसा मुंडा के विचारों को आगे बढ़ाने का किया प्रयास
Kharsawan
कुचाई प्रखंड के अंतर्गत बयांग गांव मे धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर अपना अधिकार संगठन एवं आदिवासी हो समाज महासभा के संयुक्त तत्वावधान में ‘पानी की समस्या पर आदिवासी यात्रा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव में जल संकट की वास्तविक स्थिति का आकलन कर समाधान की दिशा में पहल करना था।
इस दौरान महिला समूह, युवा समूह और बुजुर्ग ग्रामीणों के साथ अलग-अलग फोकस ग्रुप डिस्कशन आयोजित कर गांव का जल संसाधन मानचित्र तैयार किया गया। चर्चा के माध्यम से गांव में उपलब्ध जल स्रोतों, उनकी स्थिति तथा पेयजल की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। महिला समूह ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि उन्हें पीने का पानी भरने के लिए प्रतिदिन दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कार्य प्रभावित होते हैं। चर्चा के दौरान गांव के हैंडपंप, जल मीनार, तालाब, नदी और नहरों की स्थिति का आकलन किया गया। साथ ही यह भी चिन्हित किया गया कि गांव में सुरक्षित पेयजल की वास्तविक उपलब्धता कितनी है और किन क्षेत्रों में पानी की समस्या अधिक गंभीर है। युवा समूह ने पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन तथा सोलर जल मीनार स्थापित करने की मांग रखी। वहीं बुजुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि पहले गांव के चुआं और कुएं सालभर पानी उपलब्ध कराते थे, लेकिन भूजल स्तर में गिरावट के कारण अधिकांश जल स्रोत सूख चुके हैं।
अपना अधिकार संगठन के जिला अध्यक्ष महेश मींज ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उनकी पुण्यतिथि पर पानी के अधिकार को लेकर जागरूकता अभियान चलाना उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि तैयार जल संसाधन मानचित्र को प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा ताकि हैंडपंपों की मरम्मत, नए जल मीनारों की स्थापना और तालाबों के जीर्णोद्धार की दिशा में ठोस पहल हो सके। संगठन ने निर्णय लिया कि तैयार जल संसाधन मानचित्र को कुचाई प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सौंपा जाएगा। साथ ही ग्रामसभा एवं जल सहिया के सहयोग से खराब हैंडपंपों की सूची तैयार कर उनकी शीघ्र मरम्मत की मांग की जाएगी। इसके अलावा ‘पानी की समस्या पर आदिवासी यात्रा’ अभियान को कुचाई प्रखंड की अन्य पंचायतों तक भी विस्तारित किया जाएगा। कार्यक्रम में मनोज कुमार सोय, रामाय सोय, मानसिंह बांकीरा, उप मुखिया गुरुचरण डागील, पागारी डागील, हीमालय डांगील, सोनामनी बांकीरा, नेहा बांकीरा, अंजलि सोय, सपना गोप, सुनीता गोप, कूजरी सोय, कृष्ण सोय, माती सोय, सोमा डांगील, बंगाली बांकीरा, मोहन डांगील, गोमीया हाईबुरु सहित महिला समूह की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
