खरसावां के प्रधानगोड़ा मे “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” के तहत किसान समूह की बैठक, किसानों ने वैज्ञानिक तसर कृषि पद्धतियों को अपनाने का लिया सामूहिक संकल्प,.
kharsawan
केंद्रीय रेशम बोर्ड के राष्ट्रीय अभियान ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ के तहत खरसावां के प्रधान गोड़ा गांव में तसर फसल सुधार को लेकर क्षेत्रीय किसान समूह बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केंद्र खरसावां तथा अग्र परियोजन केंद्र खरसावां द्वारा किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय तसर रेशम कृषकों को कीट पालन से पूर्व क्षेत्र की स्वच्छता, एकीकृत रोग प्रबंधन तथा मानक कीटाणुशोधन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में किसानों को तसर फसल को बीमारियों से बचाने और कोकून उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी गई।अग्र परियोजन पदाधिकारी नितिश कुमार ने बीज उत्पादन और किसानों की स्थायी आय के लिए प्रथम फसल के कीट पालन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की साफ-सफाई और समय पर कीटाणुशोधन तसर फसल को नुकसान से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। वहीं वैज्ञानिक-बी, केंद्रीय रेशम बोर्ड, खरसावां प्रदीप गुलाबराव डुकरे ने किसानों को तकनीकी जानकारी देते हुए आवश्यक कीटाणुनाशकों के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विषाणु एवं जीवाणु जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए जीवसुधा, लीफ सरफेस माइक्रोब्स, चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर के मिश्रण के सही उपयोग और समय-सारणी की जानकारी दी।
कार्यक्रम में करीब 35 तसर रेशम कृषकों के साथ पीसीसी एवं बीएसएमटीसी खरसावां के तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान संवाद सत्र और क्षेत्र भ्रमण भी आयोजित किया गया। किसानों ने कीट पालन से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर ही तकनीकी समाधान बताया गया। अधिकारियों ने कोकून उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किसानों को आवश्यक सुझाव भी दिए। कार्यक्रम का समापन किसानों द्वारा क्षेत्र में वैज्ञानिक तसर कृषि पद्धतियों को अपनाने और बेहतर कोसा उत्पादन के लिए सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
