कुचाई के अतरा में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ चला जागरूकता अभियान, मुंडारी भाषा में भी ग्रामीणों को समझाया, वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील,
Kuchai
कुचाई प्रखंड के सुदूरवती पहाड़ी क्षेत्र स्थित दलभंगा ओपी क्षेत्र के अतरा गांव में अफीम की अवैध खेती की रोकथाम को लेकर पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया। कुचाई के दलभंगा ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा के नेतृत्व में आयोजित अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पुलिस ने ग्रामीणों को अफीम की खेती से होने वाले कानूनी, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की जानकारी देते हुए इससे पूरी तरह दूर रहने की अपील की।
मुंडारी में भी दी गई जानकारी
ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा ने हिंदी के साथ-साथ मुंडारी भाषा में भी ग्रामीणों को समझाया कि बिना वैध अनुमति अफीम पोस्ता की खेती कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 के तहत अवैध अफीम खेती दंडनीय है और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से आसपास अफीम की अवैध खेती या इससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस-प्रशासन को देने की अपील की।
सब्जी, मक्का और हल्दी की खेती अपनाने की सलाह जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को अफीम के बजाय सब्जी, दलहन, तिलहन, मक्का, अदरक, हल्दी समेत अन्य नकदी फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि वैध खेती के माध्यम से किसान अपनी आजीविका को मजबूत कर सकते हैं और कानूनी परेशानियों से भी बच सकते हैं। ग्रामीणों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई।
कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर
ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा ने कहा कि अफीम की अवैध खेती की रोकथाम के लिए केवल कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को जागरूक कर वैकल्पिक आजीविका के रास्ते से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा नशामुक्त और अपराधमुक्त समाज बनाने में ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने अफीम की खेती से दूर रहने और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
